@जे0 के0……

Sonbhadra । सोनभद्र। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल परीक्षा में इस वर्ष जनपद का परिणाम पिछले पांच वर्षों की तुलना में बेहतर रहा है। कुल 84.40 प्रतिशत छात्र-छात्राएं सफल हुए, जो हाल के वर्षों में सबसे अधिक उत्तीर्ण प्रतिशत है। बेहतर प्रदर्शन का असर प्रदेश स्तरीय रैंकिंग पर भी दिखा है—सोनभद्र ने 75वें स्थान से सुधार करते हुए 71वां स्थान हासिल किया है। इससे पहले वर्ष 2024 में जनपद 74वें स्थान पर था।
हाईस्कूल परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हुई थी। इस बार 27,155 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया, जिनमें 13,698 छात्राएं और 12,457 छात्र शामिल थे। इनमें से 25,386 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। जिले के 80 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी के बीच परीक्षा संपन्न हुई।
घोषित परिणाम में खास बात यह रही कि जनपद स्तर की टॉप-10 मेरिट सूची में 14 छात्र-छात्राओं ने जगह बनाई, जिनमें तीन शीर्ष स्थान सहित कुल 9 छात्राएं शामिल हैं—जो बेटियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाता है।

इंटरमीडिएट में भी बेहतर प्रदर्शन, प्रदेश में 18वां स्थान
इंटरमीडिएट परीक्षा में भी सोनभद्र का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। जिले को प्रदेश में 18वां स्थान प्राप्त हुआ, जबकि 85.82 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण घोषित हुए। खास बात यह है कि पूर्वांचल के वाराणसी, आजमगढ़ और मिर्जापुर मंडल के दस जिलों में सोनभद्र का उत्तीर्ण प्रतिशत सबसे अधिक रहा।
हालांकि, यह प्रतिशत पिछले वर्ष से थोड़ा कम है। वर्ष 2025 में 86.56 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए थे, तब जिले को प्रदेश में 12वां स्थान मिला था।
इस वर्ष इंटर परीक्षा के लिए 20,856 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया, जिनमें छात्राओं की संख्या अधिक रही। परीक्षा में 19,805 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें से 16,997 उत्तीर्ण घोषित हुए।
ग्रामीण छात्रों का दबदबा, राजकीय विद्यालय पीछे
इस बार एक अहम बदलाव यह देखने को मिला कि जिला मुख्यालय के बजाय सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने मेरिट सूची में बाजी मारी। सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण प्रतिभाओं ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
वहीं, चिंता की बात यह रही कि राजकीय विद्यालयों का एक भी विद्यार्थी मेरिट सूची में स्थान नहीं बना सका, जो शिक्षा व्यवस्था के लिए विचारणीय विषय है।