संवाददाता@विजय अग्रहरी…..

घोरावल तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। गेहूं की फसल कटाई के बाद खेतों में बचे अवशेष को जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। फसल अवशेष जलाने वाले के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम आशीष त्रिपाठी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति फसल अवशेष जलाता हुआ पाया जाता है तो उस पर 15000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। फसल अवशेष जलाने से सबसे ज्यादा नुकसान पर्यावरण को होता है। इससे वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ता है और आसपास के क्षेत्रों में धुआं फैल जाता है। साथ ही खेत की मिट्टी में मौजूद उपयोगी सूक्ष्म जीवाणु नष्ट हो जाते हैं जिससे जमीन की उर्वरता पर नकारात्मक असर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि अब फसल जलाने की घटनाओं पर निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। सैटेलाइट के माध्यम से खेतों में लगने वाली आग का तुरंत पता लगाया जा सकता है। इससे आग लगने वाले स्थान के सटीक अक्षांश और देशांतर की जानकारी मिल जाती है और संबंधित टीम मौके पर पहुंच सकती है।
इस चेतावनी के जरिए किसानों से अपील की गई है कि वे फसल अवशेष को जलाने के बजाय अन्य विकल्प अपनाएं ताकि पर्यावरण की रक्षा हो सके और कानूनी कार्रवाई से भी बचा जा सके। कुल मिलाकर प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।