ओबरा/सोनभद्र.@सौरभ गोस्वामी…….

स्थानीय गांधी मैदान में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस के अवसर पर सोमवार को सोन चेतना सामाजिक संगठन के तत्वाधान में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे अभिषेक अग्रहरी ने अमर शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर नमन करते हुए ओबरा नगर की वर्तमान जर्जर स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए श्री अग्रहरि ने कहा कि देश के क्रांतिकारियों ने शोषण मुक्त और न्यायपूर्ण भारत का सपना देखा था।
आज उन्हीं के बलिदान की धरती ओबरा प्रशासनिक उत्पीड़न और जनमानस की उपेक्षा का केंद्र बन चुकी है। नगर में समस्याओं का अंबार लगा है ओबरा इंटर कॉलेज का निजीकरण कर शिक्षा छीनी जा रही है, ओबरा अस्पताल स्वयं वेंटिलेटर पर है और स्थानीय परियोजनाओं में योग्यता होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए दरकिनार किया जा रहा है। सबसे भयावह स्थिति श्रमिक वर्ग की है।
जहाँ मजदूरों से 12-12 घंटे का कठिन परिश्रम लिया जा रहा है, लेकिन उन्हें भुगतान मात्र 8 घंटे का भी नहीं मिल रहा है। सीआरएस फंड का दुरुपयोग हो रहा है।कहा कि ओबरा की इस बदहाली का मुख्य कारण स्थानीय जनमानस का आपसी बिखराव और एकजुटता की कमी है।
इसके चलते प्रशासनिक अधिकारी और ठेकेदार आम जनता शोषण कर रहे हैं। ठेका आवंटन में पारदर्शिता का अभाव और भुगतान की अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने पर भी न्याय नहीं मिलना लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है।
वही सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी मिलेगी जब ओबरा का जनमानस संगठित होकर अपने संवैधानिक अधिकारों, पारदर्शी प्रशासन और भ्रष्टाचार मुक्त ऊर्जा नगरी के लिए साझा संघर्ष का बिगुल फूंकेगा। कार्यक्रम में विकास पाठक, सूर्य पटेल, संजय गौतम, सिद्धांत पटेल, बाबूलाल सोनकर सहित जागरूक नागरिक उपस्थित रहे।