विंढमगंज/सोनभद्र.@आनंद गुप्ता…….

अल्लाह की मेहरबानी से माह-ए-रमजान के पाक महीने में रोजा रखने का सिलसिला 25वें रोजे तक पहुंच चुका है। रविवार को रोजेदार 25वां रोजा रखेंगे। सदर महुली कलीमुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि सहरी का समय सुबह 4:32 बजे और इफ्तार का समय शाम 6:15 बजे रहेगा। इस रोजे में ही शब-ए-कद्र की महत्वपूर्ण भाग्य जगाने वाली रात भी शामिल है। हालांकि आमतौर पर 27वीं रात पर अधिक जोर दिया जाता है, लेकिन कुरआन पाक में शब-ए-कद्र को हजार महीनों से बेहतर रात बताया गया है।इस पाक रात में अल्लाह की रहमतें बरसती हैं और बंदों के पिछले गुनाह माफ हो जाते हैं। पवित्र कुरआन में सूरह अल-कद्र में फरमाया गया है, “हमने इसे कद्र की रात में उतारा। तुझे क्या मालूम कद्र की रात क्या है? कद्र की रात हजार महीनों से बेहतर है।”
इस रात को लैलतुल-कद्र कहा जाता है, जिसमें फरिश्ते उतरते हैं और आखिरी फैसला लिखा जाता है। उलेमा का कहना है कि यह रात आखिरी अशरे में कहीं भी हो सकती है, इसलिए हर रात को शब-ए-कद्र समझकर इबादत करना चाहिए। 25वें रोजे तक पहुंचते-पहुंचते अंतिम अशरे में मस्जिदों और घरों में इबादत का माहौल और अधिक गहरा हो जाता है। रोजेदार नमाज, कुरआन की तिलावत, जिक्र-ए-इलाही और दुआओं में अधिक से अधिक समय बिताने लगते हैं।
महुली सहित सोनभद्र के ग्रामीण इलाकों में मस्जिदें रौनक से भर गई हैं। तरावीह की महफिलें लग रही हैं, जहां कुरआन की तिलावत से दिल नूरानी हो रहे हैं। महिलाएं घरों में इत्र लगाकर, चंदन मलकर और विशेष दुआएं मांग रही हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समय गुनाहों से तौबा करने और नेकी के कामों का है। सदर कलीमुद्दीन सिद्दीकी ने अपील की कि सभी रोजेदार इस पाक रात का पूरा-पूरा फायदा उठाएं। दुआ करें कि अल्लाह इस मासूमत भरी रात की बरकत से फिलिस्तीन के मासूमों को राहत दे और पूरी दुनिया में अमन कायम हो।
सोनभद्र जिले में रमजान के इस आखिरी दौर में इबादत की होड़ लगी हुई है। मस्जिदों में आने वाले रोजेदारों की संख्या में इजाफा हो गया है। बच्चे भी कुरआन पढ़ने में रुचि ले रहे हैं।रमजान का यह पाक महीना समाप्ति की ओर है, लेकिन इसका असर जिंदगी भर रहता है। उलेमा ने सभी से अपील की है कि इबादत के साथ-साथ जरूरतमंदों की मदद भी करें। ईद की तैयारियां भी जोरों पर हैं।