मुख्यालय/सोनभद्र. @विशाल टंडन……

अधिवक्ता परिषद काशी प्रांत की जिला इकाई सोनभद्र ने 13 मार्च शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर “नारी अस्मिता, समानता एवं न्याय” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अनुपमा सिंह, विंध्य कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंजली विक्रम सिंह, विशिष्ठ अतिथि पूनम सिंह, एडवोकेट, अशोक प्रसाद श्रीवास्तव, अध्यक्ष सोनभद्र बार एसोसिएशन, एवं वरिष्ठ समाजसेवी ओमप्रकाश त्रिपाठी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विनोद कुमार शुक्ल, एडवोकेट एवं महासचिव अधिवक्ता परिषद ने किया, जबकि अध्यक्षता राजीव कुमार सिंह, अध्यक्ष अधिवक्ता परिषद ने संभाली।

आयोजन का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता और मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित और माल्यार्पण के साथ किया गया। इसके बाद वंदेमातरम गीत प्रस्तुत किया गया। संगोष्ठी में अतिथियों को मोमेंटम भेंट और माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। सभी उपस्थित लोगों ने नारी सम्मान कायम रखने का संकल्प लिया। अपने संबोधन में डॉ. अंजली विक्रम सिंह ने कहा कि “नारी सृष्टि की आधारशिला है। वह माँ, बहन, बेटी और पत्नी के रूप में समाज को संस्कार देती है। नारी के बिना समाज की कल्पना अधूरी है।” विनोद कुमार चौबे ने कहा कि “जिस घर में नारी शक्ति की पूजा होती है वह घर स्वर्ग के समान होता है।”
पवन कुमार मिश्र, एडवोकेट ने नारी सशक्तिकरण पर विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम में अधिवक्ताओं योगेश कुमार द्विवेदी, मनीष कुमार चतुर्वेदी, सुनील मालवीय, योगेश कुमार, अनिरुद्ध सोनी, समृद्धि, पुष्पा तिग्गा, निर्मला शर्मा, गीता देवी, शालिनी चतुर्वेदी, कुमारी नीरज यादव, रागिनी पाठक आदि की उपस्थिति रही।संगोष्ठी के अवसर पर निःशुल्क ब्लड जाँच शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें अधिकांश अधिवक्ताओं ने रक्त जांच कराई। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।