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Iran pulls out FIFA World Cup: ईरान ने अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की मेजबानी में होने वाले फीफा वर्ल्ड कप 2026 से हटने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है. खेल मंत्री अहमद दुनियामाली ने साफ किया कि अमेरिका के साथ जारी युद्ध और शीर्ष नेतृत्व की हत्या के बाद ईरान किसी भी परिस्थिति में वहां मैच नहीं खेलेगा. ईरान ग्रुप-जी में शामिल था, जिसके मैच अमेरिका में होने थे. युद्ध की विभीषिका और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए ईरान ने इस वैश्विक टूर्नामेंट का पूर्ण बहिष्कार किया है.

ईरान ने फीफा वर्ल्ड कप से नाम वापस लिया.
नई दिल्ली. खेल जगत से एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. ईरान ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि वह आगामी फीफा वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा नहीं लेगा. अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस महाकुंभ से हटने का मुख्य कारण ईरान का अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहा भीषण युद्ध है. ईरान के खेल मंत्री अहमद दुनियामाली ने सरकारी टेलीविजन पर इस फैसले की कन्फर्म करते हुए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल जगत में हलचल मचा दी है.
खेल मंत्री अहमद दुनियामाली (Ahmad Donyamali ) ने अपने कड़े बयान में अमेरिका पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, ‘यह देखते हुए कि इस भ्रष्ट शासन (अमेरिका) ने हमारे नेता की हत्या की है, हम किसी भी परिस्थिति में विश्व कप में भाग नहीं ले सकते.’ दुनियामाली ने आगे कहा कि मौजूदा हालात में हमारे खिलाड़ियों और देश की भावनाओं को देखते हुए टूर्नामेंट में उतरना संभव नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस देश ने ईरान पर युद्ध थोपा हो, वहां जाकर खेलना देश के शहीदों के सम्मान के खिलाफ होगा.
ईरान ने फीफा वर्ल्ड कप से नाम वापस लिया.
ग्रुप-जी में था ईरान, अमेरिका में होने थे मैच
ईरान को फीफा वर्ल्ड कप के ग्रुप-जी (Group G) में बेल्जियम, मिस्र और न्यूजीलैंड के साथ रखा गया था. ईरान के सभी ग्रुप स्टेज मैच अमेरिका के लॉस एंजिल्स और सिएटल जैसे शहरों में खेले जाने थे. ईरान इस विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने वाला दुनिया का पहला देश बना था, लेकिन अब उसके हटने से फीफा को ग्रुपिंग और शेड्यूल में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं.
युद्ध की विभीषिका और सुरक्षा की चिंता
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध ने अब तक भयानक तबाही मचाई है. शुरुआती 12 दिनों में ही 1200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और 10,000 से ज्यादा घायल हैं. खेल मंत्री ने सुरक्षा का हवाला देते हुए कहा, ‘हमारे बच्चे सुरक्षित नहीं हैं. ऐसी दमनकारी परिस्थितियों में भागीदारी का कोई आधार नहीं बचता. उन्होंने हम पर युद्ध थोपा है और हमारे हजारों लोगों को शहीद किया है.’
फुटबॉल फेडरेशन ने पहले ही दिए थे संकेत
ईरानी फुटबॉल महासंघ (FFIRI) के अध्यक्ष मेहदी ताज ने 1 मार्च को ही संकेत दे दिए थे कि टीम का विश्व कप में जाना मुश्किल है. उन्होंने भावुक होते हुए कहा था, ‘ईरान पर हुए इस हमले के बाद हमसे यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि हम उम्मीद के साथ विश्व कप की ओर देखें. अगर विश्व कप का माहौल ऐसा है, तो कौन समझदार व्यक्ति अपनी राष्ट्रीय टीम को ऐसी जगह भेजेगा?’
डोनाल्ड ट्रंप और फीफा अध्यक्ष की कोशिशें नाकाम
दिलचस्प बात यह है कि कुछ समय पहले फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी. इस बैठक के बाद इन्फेंटिनो ने इंस्टाग्राम पर जानकारी दी थी कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी टीम का स्वागत करने का आश्वासन दिया है. हालांकि, ईरान के इस आधिकारिक बहिष्कार के बाद अब सुलह की सभी संभावनाएं खत्म होती दिख रही हैं.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें

