रेणुकूट/सोनभद्र. @अमिताभ मिश्रा…..

नगर की स्वपोषित सामाजिक संस्था मानवता की थाली ने एक बार फिर सेवा और समर्पण की मिसाल पेश करते हुए होली पर्व पर जरूरतमंदों के बीच खुशियां बांटीं। पिछले छह वर्षों से लगातार भूखे और असहाय लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध करा रही यह संस्था न केवल प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का पेट भरती है, बल्कि हर प्रमुख हिंदू त्यौहार पर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक उत्सव की खुशियां पहुंचाने का कार्य भी करती आ रही है।
इसी क्रम में इस वर्ष होली के अवसर पर संस्था के सदस्यों ने नगर के विभिन्न स्थानों—मुर्धवा मोड़, नगर पंचायत क्षेत्र, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर रहने वाले जरूरतमंद लोगों को होली का उपहार वितरित किया। उपहार में गुझिया, बालूशाही, बिस्कुट, नमकीन और गुलाल शामिल थे।

होली का उपहार पाकर जरूरतमंदों के चेहरे खिल उठे। जिन चेहरों पर पहले उदासी थी, वहां रंग-बिरंगी मुस्कान साफ झलक रही थी। संस्था के सदस्यों ने कहा कि त्यौहार केवल अपने परिवार तक सीमित न रहकर समाज के हर वर्ग के साथ मिलकर मनाया जाए, तभी उसकी वास्तविक सार्थकता है।
स्थानीय लोगों ने इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना की। उनका कहना था कि आज के दौर में जब लोग अपने लिए समय नहीं निकाल पाते, ऐसे में मानवता की थाली के सदस्य जरूरतमंदों के बारे में सोचते हैं और उनके लिए समय निकालते हैं, यह अत्यंत सराहनीय कार्य है। लोगों ने संस्था के सदस्यों के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सेवा भावना के लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की।
मानवता की थाली की यह पहल न केवल भूख मिटाने का प्रयास है, बल्कि समाज में संवेदनशीलता, भाईचारे और मानवता के रंग घोलने की एक प्रेरणादायक मुहिम भी
