घोरावल/सोनभद्र. @विजय अग्रहरी…..

गुप्तकाशी शिवद्वार धाम, सतद्वारी में भगवान श्रीलक्ष्मीनारायण के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के पूर्व शोभायात्रा निकाली गई। शास्त्रसम्मत विधि विधान से विग्रह की पूजा के बाद श्री लक्ष्मीनारायण की मूर्ति, कलश को पालकी पर रखकर शंख व घंटों की ध्वनि और मंत्रोच्चार के बीच शिवद्वार मंदिर से शोभायात्रा प्रारंभ हुआ।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय, जय लक्ष्मीनारायण और हर हर महादेव के उद्घोष के साथ श्रद्धालुओं ने गांव में भ्रमण किया। मंदिर निर्माण में मुख्य भूमिका निभाने वाले विजय कन्नौजिया ने बताया कि सन 2013 में वह अपने खेत की जुताई कर रहे थे, तो हल भूमि में फंस गया। जब वहां खुदाई की गई तो वहां श्रीलक्ष्मीनारायण की मूर्ति निकली, जो सैकड़ो वर्ष पुरानी है। मूर्ति में दिखाया गया है कि भगवान श्रीहरि विष्णु से शेषनाग की सैया पर लेटे हुए हैं और माता महालक्ष्मी उनके चरण दबा रही है। उनकी नाभि से निकले कमल पर भगवान ब्रह्माजी विराजमान है और आसपास भगवान शिवशंकर समेत विभिन्न देवी देवता मौजूद है।
श्रीलक्ष्मीनारायण के लिए भव्य मंदिर का निर्माण शिवद्वार मंदिर के बगल में विजय कन्नौजिया ने भूमि में सार्वजनिक सहयोग से किया गया है। मंदिर में श्रीलक्ष्मी नारायण के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा 26 फरवरी दिन बृहस्पतिवार को की जाएगी। शोभा यात्रा में ग्राम प्रधान सियाराम यादव, लवकुश दुबे, संजय मोदनवाल, सुरेश गिरी, वकील, लक्ष्मीकांत, अमित, विनीत, गुलाब, समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे।