म्योरपुर/सोनभद्र. @संदीप अग्रहरी…….
— गलत तरीके से जोड़े जाने के बाद एसडीएम ने उठाया कदम

स्थानीय विकास खंड की बनमहरी ग्राम पंचायत में बगल के ग्राम पंचायत पिंडारी के लोगों का नाम जोड़े जाने के मामले में एसडीएम ने सभी नाम को विलोपित करने का निर्देश दिया है। इससे पूर्व ग्राम प्रधान प्रतिनिधि की शिकायत पर उन्होंने जांच का आदेश दिया था।
म्योरपुर विकास खंड की बनमहरी ग्राम पंचायत में मतदाता सूची प्रकाशन होने के बाद जोड़े गए 60 नामो पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दयाराम ने आपत्ति जताते हुए पड़ोस की ग्राम पंचायत पिंडारी के लोगों का नाम शामिल किए जाने की बात कही थी। एसडीएम निखिल यादव से मिलकर उन्होंने इसकी शिकायत भी की थी।
शिकायत के बाद उपजिलाधिकारी निखिल यादव ने मामले की जांच के लिए निर्देशित किया। गांव के बीएलओ सत्येंद्र सिंह ने एसडीएम के निर्देश के बाद सभी 60 मतदाताओं को नोटिस तामिल कराया। नोटिस तामिल कराने के बाद केवल एक व्यक्ति ही अपने साक्ष्य सहित उपस्थित हुआ। एसडीएम के समक्ष उपस्थित होकर उसने साक्ष्य देकर उसने अपना नाम बनमहरी में होने की बात कही। इस पर उसका नाम विलोपित नहीं किया गया।
इसके अलावा 59 नामों को पिंडारी ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में होने का साक्ष्य सहित अपनी रिपोर्ट बीएलओ द्वारा देने के बाद रिपोर्ट के आधार पर उपजिलाधिकारी निखिल यादव ने 59 नामों को काटे जाने की संस्तुति की है। इससे पूर्व मतदाता सूची में नामों को जोड़े जाने के बाद ग्राम पंचायत में हड़कंप मच गया था। ग्रामीणों का कहना था कि स्थानीय लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं है, जबकि बाहरी लोगों को बड़ी संख्या में मतदाता सूची में शामिल कर दिया गया है।
ग्रामीणों ने कुछ लोगों द्वारा साजिश रचे जाने का आरोप लगाते हुए उपजिलाधिकारी से मामले की शिकायत की। इस पर उपजिलाधिकारी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसकी बड़े पैमाने पर जांच कराई तो मामला सामने आ गया।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी दुद्धी निखिल यादव ने कहा कि सभी नामों की जांच कराई गई वह दूसरी ग्राम पंचायत में मौजूद थे। इसके बाद उन नामों को विलोपित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में गड़बड़ी को लेकर कोई भी साजिश नहीं होने दी जाएगी।










