@जेo केo/सोनभद्र……..

Sonbhadra । जनपद में औद्योगिक घरानों के आने से जहां विकाश को गति मिलने की राह देखी जा रही है तो वहीं जल, जंगल और जमीन बचाने को लेकर आदिवासियों द्वारा विरोध भी शुरू हो गया है, आज बड़े पैमाने पर पर सैकड़ों की संख्या में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के बैनर तले आदिवासी महिलाएं और पुरुषों ने कड़कड़ाती ठंड में कलेक्ट्रेट पहुंच कर हुंकार भरी, राष्ट्रपति से लेकर सूबे के मुखिया तक अपनी आवाज को कलेक्ट्रेट के जरिए पहुंचकर हस्तक्षेप करने की मांग की, कहा मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।

जनपद के कोन और नगवां ब्लॉक के दर्जनों गांवों से आज सैकड़ों की संख्या में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के बैनर तले महिलाएं और पुरुषों ने कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया, ग्रामीणों का कहना है कि इन क्षेत्रों में सात औद्योगिक घराने काम कर रही है, जो पावर सेक्टर से जुड़ी है, कंपनी के लगने से गांव विस्थापित होगा।
कलेक्ट्रेट के माध्यम से मांग किया गया कि गांव को विस्थापन न किया जाए। गांव, जल, जंगल, जमीन को उजाड़ा जाएगा, जो हम लोगों को खाना पानी हवा देते हैं सब खत्म होंगे, जिलाध्यक्ष राम नरेश पोया ने मांग किया कि जैसे हम लोग रह रहे थे ।
वैसे ही हम लोगों को रहने दिया जाय, ग्रामीणों को विस्थापन न किया जाए, पार्टी ने राष्ट्रपति से लेकर मुख्यमंत्री, कई मंत्रालय तक अपनी मांग कलेक्ट्रेट के माध्यम से दिया है साथ ही मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की बात कही है। पार्टी जिलाध्यक्ष ने एडीएम न्यायिक को मांग पत्र सौंपा है।