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भारतीय मुक्केबाजी महासंघ ने अपनी फजीहत करा ली. सीनियर बॉक्सिंग नेशनल चैंपियनशिप का आयोजन रविवार से होना था.लेकिन जब मुकाबले का दिन आया तक तीन बॉक्सिंग रिंग तैयार ही नहीं थे. जिसकी वजह से वेन्यू पर अफरा तफरी का माहौल बन गया. मुकाबले 4 घंटे की देरी से शुरू हुए.
नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रिंग तैयार नहीं थे. ग्रेटर नोएडा. सीनियर बॉक्सिंग नेशनल चैंपियनशिप के पहले दिन रविवार को तैयारियों में देरी की वजह से काफी अफरा-तफरी मच गई. बॉक्सर्स को घंटों इंतजार करना पड़ा. लॉजिस्टिक्स की दिक्कतों के कारण चैंपियनशिप चार घंटे लेट शुरू हुई. पहली बार पुरुष और महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप एक साथ गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में दोपहर दो बजे शुरू होनी थी, लेकिन देरी के कारण पूरा कार्यक्रम बिगड़ गया. रिंग तैयार नहीं थे, तीन रिंग बनने थे लेकिन शाम चार बजे तक सिर्फ एक ही रिंग तैयार हो पाया और उसमें भी तकनीकी दिक्कत आ गई. दिन के 80 मुकाबलों में से पहला मुकाबला आखिरकार शाम 6:30 बजे शुरू हुआ. महिला मुक्केबाजों को और ज्यादा इंतजार करना पड़ा क्योंकि रात आठ बजे तक भी उनके मुकाबले शुरू नहीं हुए थे और तीसरा रिंग भी तैयार नहीं था.
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के महासचिव प्रमोद कुमार ने कहा कि देरी कुछ लॉजिस्टिक्स समस्याओं की वजह से हुई. वहीं सूत्रों के मुताबिक यह भुगतान की दिक्कतों के कारण हुआ. एक सूत्र ने बताया कि विक्रेता को भुगतान नहीं हुआ था, पैसे मिलने के बाद ही काम शुरू हुआ. टूर्नामेंट के लिए कोई स्पॉन्सर भी नहीं था. महिला वर्ग की मौजूदा विश्व चैंपियन मीनाक्षी हुड्डा दोपहर बाद हॉल में योगा मैट पर बैठी दिखीं और अपने मुकाबले का इंतजार कर रही थीं. आयोजकों की तरफ से कोई जानकारी नहीं मिलने पर वह शाम सात बजे स्टेडियम से चली गईं.

नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रिंग तैयार नहीं थे.
कई मुक्केबाज समय बिताने के लिए हेडफोन लगाकर बैठे रहे या हॉल में घूमते रहे क्योंकि कोई घोषणा नहीं हुई थी. उत्तराखंड की एक मुक्केबाज ने कहा, पता नहीं कब शुरू होगा, कोई बता भी नहीं रहा. एक और मुक्केबाज ने कहा, अभी तो बहुत समय लगेगा, रिंग भी नहीं लगी है. कई कोच ने कहा कि इतनी देरी से चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है. उन्होंने कहा, कुछ मुक्केबाजों ने नाश्ते के बाद से कुछ नहीं खाया क्योंकि उन्हें शुरुआती मुकाबलों के लिए चुना गया है.
आप भरे पेट नहीं लड़ सकते, लेकिन ऐसी अनिश्चितता से रिकवरी पर असर पड़ता है और चोट का खतरा बढ़ता है. तकनीकी अधिकारी भी असमंजस में थे. एक अधिकारी ने कहा, हम दोपहर 12:30 बजे से यहां हैं, हमें कुछ नहीं पता और वापस जाकर आराम करने का भी विकल्प नहीं दिया गया.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें

