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बिहार में खेल के क्षेत्र को एक और नई उड़ान मिलने वाली है. इस बार मध्य प्रदेश की खेल अकादमियों में बिहारी खिलाड़ियों के लिए 20 फीसदी कोटा रिजर्व होगा, जिसका सीधा फायदा होगा. इस पर क्या बोले खिलाड़ी, सुनिए
जहानाबाद. बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह मध्य प्रदेश के चीफ मिनिस्टर डॉ. मोहन यादव और मंत्री कैलाश सारंग से मुलाकात की. इस बैठक के दरम्यान दोनों राज्यों के बीच नॉलेज एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया. ऐसे में इस प्रस्ताव के साथ ही बिहार के खिलाड़ी तीरंदाजी, बॉक्सिंग और वाटर स्पोर्ट्स जैसे खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच से ट्रेनिंग ले सकेंगे. जब तक राज्य में इन खेलों की मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं हो जाती, तब तक खिलाड़ी एमपी की सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे.
इस फैसले को लेकर जहानाबाद के खिलाड़ी क्या सोचते हैं? इस पर Local 18 की टीम ने उनसे खास बातचीत की. खिलाड़ियों का मानना है कि बिहार में पिछले कुछ सालों में खिलाड़ियों के लिए काफी अच्छा काम किया है. यहां की सरकार राजगीर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम तैयार करवा रही है. यहां पर कई इंटरनेशनल मैच करवाए गए. इसके साथ ही हर जिले और पंचायत में खेल का मैदान बनाए जा रहे हैं और कहीं कहीं तैयार भी हो गए है. हालांकि, इस बार सरकार का एक और नया कदम खिलाड़ियों के लिए मिल का पत्थर साबित होने वाला है.
बदल जाएगी खेल की दुनिया
धावक ज्योतिष ने कहा, “हम लोग के पास अभी स्पॉन्सर की कमी है. यहां खिलाड़ियों के गाइड करने वाले नहीं हैं. इससे न तो उनको सही खाना मिल पाता है और न ही उनका सही गाइड मिल पाता है. ऐसे में खिलाड़ी को उस स्तर की ट्रेनिंग नहीं मिल पाती है. हां, अगर MP की खेल अकादमियों में बिहार के खिलाड़ियों को ट्रेनिंग की सुविधा मिलेगी तो काफी ज्यादा फायदा होने वाला है. इससे न सिर्फ अच्छे कोच मिलेंगे, बल्कि वहां पर खिलाड़ी का चहुंमुखी विकास होगा.”
नेशनल और इंटरनेशनल होगी पहचान
खिलाड़ी शौर्य प्रताप ने कहा, “जिस समय हमारी शुरुआत हुई थी तो ऐसा लगता था कि खेल की दुनिया में हमारा भविष्य मुकम्मल कैसे होगा? हालांकि, यह कहा जाता है, जहां चाह वहीं राह. सुविधा का अभाव होते हुए भी हम लोग बहुत मेहनत किए. आज उसी का नतीजा है कि कई जगह वेटलिफ्टिंग खेल चुके हैं. इसके अलावा बिहार सरकार अब खेल के प्रति जिस गति से काम कर रही है, उससे बिहार के खिलाड़ियों को काफी फायदा मिलने वाला है. अब तो मध्य प्रदेश की खेल अकादमियों में भी सीटें रिजर्व होंगी. इससे नेशनल और इंटरनेशनल स्तर की पहचान बनेगी.”
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