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— दीप प्रज्ज्वलन से हुआ रामलीला का आगाज, गूंजा जय श्रीराम का जयघोष
— तीन पीढ़ियों की इस गौरवशाली परंपरा को हर हाल में बचाना होगा; राजन चौधरी

Sonbhadra । दुद्धी ब्लॉक के महुली में आस्था, संस्कृति और मर्यादा की प्रतीक महुली की 80वीं ऐतिहासिक श्रीरामलीला का गुरुवार रात भव्य एवं भक्तिमय वातावरण में शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त जिला जज राजन चौधरी और विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत सदस्य बघाडू जुबेर आलम ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर रामलीला का उद्घाटन किया।
इसके बाद मुकुट पूजन, रामायण पूजन, रिबन काटने और नारियल फोड़कर मंचन की विधिवत शुरुआत की गई। आयोजन समिति ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।

मुख्य अतिथि राजन चौधरी ने कहा कि महुली की रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि आस्था, संस्कार, मर्यादा और सामाजिक मूल्यों की जीवंत पाठशाला है। तीन पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है। इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी का दायित्व है।
भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, त्याग, कर्तव्य और पारिवारिक आदर्शों की प्रेरणा देता है। विशिष्ट अतिथि जुबेर आलम ने कहा कि रामलीला केवल अभिनय नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला माध्यम है। बदलते सामाजिक परिवेश में रामायण के आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत है।

पहली रात नारद मोह की लीला का मनोहारी मंचन हुआ। नारद की तपस्या, इंद्र की चिंता, कामदेव व अप्सराओं के प्रयास, अहंकार और विश्वमोहिनी स्वयंवर के प्रसंग ने दर्शकों को बांधे रखा। भगवान विष्णु की लीला के माध्यम से कलाकारों ने अहंकार के दुष्परिणाम का संदेश दिया।

व्यास दिलीप कुमार कन्नौजिया ने रामायण की चौपाइयों का भावपूर्ण वाचन किया, जबकि डायरेक्टर विश्वनाथ शर्मा ने आरती कराई। इस दौरान पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गणमान्य नागरिक और रामलीला प्रेमी मौजूद रहे।