संवाददाता@आनंद गुप्ता…..

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को विंढमगंज थाना क्षेत्र के महुली, पोलवा, केवाल, जोरूखाड़, बैरखड़ सहित दर्जनभर गांवों के आदिवासी समाज के लोगों ने जुलूस निकालकर अपनी संस्कृति और परंपरा का प्रदर्शन किया। जुलूस में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा शामिल हुए।

जुलूस विभिन्न गांवों और प्रमुख मार्गों से भ्रमण करते हुए महुली खेल मैदान पहुंचा। इस दौरान आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में आदिवासी गीत गाते और नृत्य करते हुए चल रहे थे। ढोल-मांदर की थाप पर लोगों ने जमकर नृत्य किया। जुलूस में शामिल लोगों ने अपनी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को बनाए रखने का संदेश दिया।

महुली खेल मैदान में पहुंचने के बाद जुलूस सम्मेलन में परिवर्तित हो गया। सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, भाषा, परंपरा और रीति-रिवाजों से है। इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की जरूरत है। उन्होंने समाज के लोगों से बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक रहने की अपील की।







