मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन……
— फायर हाइड्रेंट से अग्निशमन विभाग को मिलेगा मौके पर ही पानी, 55 टंकियों में करीब 50 पर लग चुके हैं हाइड्रेंट

गर्मी के दिनों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती पर्याप्त पानी की उपलब्धता की होती है। कई बार आग बुझाने के दौरान टैंकर का पानी खत्म होने पर दोबारा पानी भरने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे आग पर काबू पाने में देरी होती है।
अब इस समस्या के समाधान के लिए जल जीवन मिशन के तहत बनाई जा रही पानी की टंकियों को फायर हाइड्रेंट की सुविधा से जोड़ा जा रहा है। जल जीवन मिशन के अधिशासी अभियंता पंकज कुमार ने बताया कि मिशन के तहत बनाई जा रही पानी की टंकियों का डिजाइन इस प्रकार तैयार किया गया है कि ग्रामीणों को नियमित जलापूर्ति किए जाने के बाद भी टंकियों में करीब 10 से 20 प्रतिशत पानी शेष रहता है।

इसलिए आवश्यकता पड़ने पर इस पानी का उपयोग भी किया जा सकता है। इसके लिए टंकियों के नीचे बने विशेष चैंबर में फायर हाइड्रेंट लगाया जा रहा है, जहां से अग्निशमन वाहन पाइप के माध्यम से पानी भर सकेंगे। उन्होंने बताया कि पटवध ग्राम पेयजल योजना के तहत रॉबर्ट्सगंज, करमा और घोरावल ब्लॉक के साथ चोपन ब्लॉक के कुछ आंशिक क्षेत्रों में कुल 55 पानी की टंकियां बनाई गई हैं।

इनमें करीब 50 टंकियों में फायर हाइड्रेंट लगाए जा चुके हैं, जबकि शेष पर कार्य चल रहा है। सभी टंकियों की लोकेशन अग्निशमन विभाग को उपलब्ध करा दी गई है।प्रभारी अग्निशमन अधिकारी करण सिंह यादव ने बताया कि पहले आग लगने की स्थिति में वाहन में उपलब्ध पानी खत्म होने पर दोबारा पानी भरने के लिए काफी दूरी तय करनी पड़ती थी। इससे आग बुझाने में समय लगता था।

अब टंकियों में फायर हाइड्रेंट की सुविधा मिलने से अलग-अलग क्षेत्रों में पानी आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। इससे आग की घटनाओं पर तेजी से काबू पाने में मदद मिलेगी और बड़ी दुर्घटनाओं को टालने में सफलता मिल सकती है।

जल जीवन मिशन और अग्निशमन विभाग के बीच यह तालमेल पानी के अतिरिक्त स्रोत का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा।









