Last Updated:
Prakash Pal Profile: प्रकाश पाल को बीजेपी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजने का फैसला किया है. करीब तीन दशक से संगठन में सक्रिय प्रकाश पाल इस समय यूपी बीजेपी के ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं. कानपुर-बुंदेलखंड में संगठन को मजबूत करने से लेकर गुजरात विधानसभा चुनाव में 64 सीटों की जिम्मेदारी संभालने तक, पार्टी ने उन्हें कई अहम काम सौंपे हैं.
राज्यसभा उम्मीदवार प्रकाश पाल.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने जिन 8 नामों पर दांव लगाया है, उनमें प्रकाश पाल का नाम खास है. प्रकाश पाल किसी बड़े सरकारी पद पर नहीं रहे, लेकिन बीजेपी संगठन में करीब तीन दशक से लगातार काम कर रहे हैं. मौजूदा समय में वह यूपी बीजेपी के ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं. इससे पहले वह कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. ऐसे में प्रकाश पाल को राज्यसभा भेजने का फैसला एक ऐसे नेता को आगे बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है, जिसने लंबे समय तक संगठन के भीतर काम किया है.
प्रकाश पाल का राजनीतिक सफर सीधे चुनावी राजनीति से ज्यादा संगठन के काम से जुड़ा रहा है. कानपुर से आने वाले प्रकाश पाल ने पार्टी के अलग-अलग पदों पर रहते हुए कार्यकर्ताओं के बीच काम किया. यही वजह है कि संगठन में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है. साल 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें यूपी से भेजे गए प्रवासी कार्यकर्ताओं की टीम की जिम्मेदारी दी थी. उन्हें गुजरात के 16 जिलों की 64 विधानसभा सीटों में पार्टी के प्रचार की जिम्मेदारी मिली थी. उनके नेतृत्व में यूपी से करीब 150 कार्यकर्ताओं की टीम गुजरात गई थी.
गुजरात में मिली जिम्मेदारी बनी बड़ी पहचान
गुजरात चुनाव की जिम्मेदारी इसलिए भी अहम थी क्योंकि बीजेपी ने वहां सिर्फ स्थानीय संगठन पर भरोसा नहीं किया था, बल्कि दूसरे राज्यों के अनुभवी कार्यकर्ताओं को भी मैदान में उतारा था. प्रकाश पाल को इन कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल और चुनावी काम को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी मिली. यानी प्रकाश पाल के खाते में सिर्फ यूपी का संगठनात्मक अनुभव नहीं है, बल्कि दूसरे राज्य में पार्टी के लिए काम करने का अनुभव भी है.
OBC राजनीति में भी अहम चेहरा
प्रकाश पाल का राज्यसभा जाना बीजेपी के सामाजिक समीकरण से भी जुड़ा हुआ है. वह यूपी बीजेपी के ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं और पाल समाज से आते हैं. बीजेपी ने राज्यसभा के लिए जिन 8 चेहरों का चयन किया है, उनमें तीन ओबीसी वर्ग से हैं. इनमें धर्मपाल सिंह, प्रकाश पाल और एक अन्य ओबीसी चेहरा शामिल है. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के लिए ओबीसी वोट बैंक बेहद अहम है. ऐसे में पाल समाज से आने वाले संगठन के पुराने नेता को राज्यसभा भेजना पार्टी के लिए सामाजिक संदेश के साथ-साथ संगठन को सम्मान देने का फैसला भी माना जा रहा है.
अब यूपी से दिल्ली तक भूमिका
10 दिसंबर 1966 को जन्मे प्रकाश पाल ने एलएलबी तक पढ़ाई की है. करीब तीन दशक तक संगठन में काम करने के बाद अब उनका राजनीतिक सफर एक नए स्तर पर पहुंचने जा रहा है. बीजेपी ने इस बार यूपी से किसी मौजूदा राज्यसभा सांसद को दोबारा टिकट नहीं दिया है.
About the Author

अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…
और पढ़ें
