संवाददाता@विष्णु कुशवाहा……

चेहल्लुम के अवसर पर मंगलवार को रॉबर्ट्सगंज नगर में गमगीन माहौल के बीच पूरे अकीदत और जोश-ओ-खुलूस के साथ जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और कर्बला के शहीदों को याद करते हुए मातम व सीनाजनी की। पूरे नगर में “या हुसैन, या हुसैन” और “कर्बला दूर है, जाना जरूर है” की सदाएं गूंजती रहीं।शाम करीब 5 बजे रिजवी कटरा से पहला ताजिया निकला, जो हिराबाबा और दीपनगर के ताजियों के साथ टैक्सी स्टैंड पर मिला।

इसके बाद सभी ताजिए बिजली सबस्टेशन के पास पहुंचे, जहां हमीदनगर के ताजियों से मिलान हुआ। इसके उपरांत सभी ताजिए मुख्य चौक पहुंचे, जहां अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के 72 शहीदों की याद में मातम किया।मुख्य चौक पर बुजुर्गों, युवाओं और मासूम बच्चों ने भी मातम में हिस्सा लिया। “हाय हुसैन” और “या हुसैन” की सदाओं के बीच कर्बला की कुर्बानी को याद किया गया।

बताया गया कि मुहर्रम और चेहल्लुम का आयोजन कर्बला के 72 शहीदों की याद में किया जाता है, जिन्होंने हक और इंसाफ की राह में अपनी जान न्योछावर कर दी थी।जुलूस में सदर मुश्ताक खान, रोशन खान, एम.ए. सिद्दीकी एडवोकेट, हिदायत उल्ला खान, हिराबाबा वारसी, साजिद खान वारसी, रिजवान वारसी, शेरू, जाफर सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।

सावन मास को देखते हुए पूरे जुलूस मार्ग पर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा और जुलूस शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न हुआ।





