मुख्य संवाददाता@सौरभ गोस्वामी……

नगर के चोपन रोड स्थित ग्रीन माउंटेन स्कूल के बाहर हर दिन स्कूली बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे रहती है।ओबरा से चोपन जाने वाले मुख्य मार्ग से यह स्कूल सटा होने के कारण मुख्य द्वार के सामने सुबह से ही बच्चों का आना जाना लगा रहता है।वही दोपहर में छुट्टी के समय भारी तथा छोटे चार पहिया वाहनों के आवा गमन का भारी दबाव रहता है।
ऐसे में छोटे-छोटे बच्चों को सड़क पार करने के दौरान हर पल बड़ी दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग ओबरा और चोपन को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिस पर दिनभर भारी वाहनों, बसों, ट्रकों, सहित कारों और दोपहिया वाहनों का लगातार आवागमन बना रहता है।

स्कूल खुलने और छुट्टी के समय अभिभावकों के वाहन भी सड़क के दोनों ओर खड़े हो जाते हैं। इस दौरान बच्चों का सड़क पार करना बेहद जोखिम भरा हो जाता है।बीते शुक्रवार को इसी स्थान पर एक स्कूली छात्र के अचानक सड़क पार करने के दौरान उसे बचाने के प्रयास में बाइक सवार युवती सड़क पर फिसलकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी। बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
हालांकि इस हादसे में कोई स्कूली छात्र-छात्रा घायल नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने स्कूल के बाहर व्याप्त अव्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की गंभीर कमी को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

दूसरी ओर लोगो की माने तो उक्त स्कूल एक मकान में संचालित है, जहां बच्चो के खेलने के लिए खेल मैदान भी नहीं है,साथ ही बच्चे बरसात में लोहे की फिसलन भरी सीढ़ी से ऊपर की कक्षा में पढ़ने जाते हैं, ऐसी स्थिति में शिक्षा विभाग द्वारा किस आधार पर मान्यता देकर बिना मानक पूरा कराये ही स्कूल के संचालन की अनुमति दी गई है, इसकी जांच आवश्यक है। लोगों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से उक्त स्कूल के मानको की जांच कराए जाने की मांग भी किया है।






