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gyaneshwari yadav: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की 23 वर्षीय वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स खेल 2026 में सिल्वर मेडल जीता. उन्होंने महिला 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में यह मेडल डाला.
ज्ञानेश्वरी यादव का छत्तीसगढ़ सीएम ने किया सम्मान.
नई दिल्ली. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्लास्गो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिलाओं की 53 किग्रा भारोत्तोलन स्पर्धा की रजत पदक विजेता ज्ञानेश्वरी यादव को 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि और डीएसपी पद पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देने की घोषणा की. अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाली राजनांदगांव की ज्ञानेश्वरी यादव का आज मुख्यमंत्री निवास में स्वागत एवं अभिनंदन किया गया. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ज्ञानेश्वरी को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई देते हुए 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि और डीएसपी पद पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देने की घोषणा की. अधिकारियों ने बताया कि ज्ञानेश्वरी वर्तमान में राजनांदगांव जिले में पुलिस विभाग में सहायक उप निरीक्षक पद पर पदस्थ है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान प्रदेश की प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प का सम्मान है. साय ने कहा, ‘ज्ञानेश्वरी यादव ने अपने पहले ही राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, कठोर परिश्रम और अनुशासन के बल पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता.’ उन्होंने कहा, ‘महिलाओं की 53 किग्रा भारोत्तोलन स्पर्धा में कुल 199 किग्रा वजन उठाकर ज्ञानेश्वरी ने ना केवल देश के लिए पदक जीता, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है. यह उपलब्धि प्रदेश के खेल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगी.’
साय ने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने सीमित संसाधनों और अनेक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया. कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर अभ्यास, अनुशासन और समर्पण के बल पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफलता हासिल की है. उनकी सफलता प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती. साय ने मुख्यमंत्री निवास में ज्ञानेश्वरी का स्वागत करते हुए कहा कि यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व और उत्सव का क्षण है.
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक खेल अधोसंरचना, विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, बेहतर कोचिंग, आवश्यक संसाधन और हरसंभव प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है. सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ सके और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके.
ज्ञानेश्वरी देवी.
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक खिलाड़ी ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेल, एशियाई खेल और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में तिरंगा लहराएं तथा देश और प्रदेश का नाम विश्व भर में रोशन करें. पीटीआई वीडियो से बात करते हुए ज्ञानेश्वरी यादव ने कहा, ‘एक खिलाड़ी के पीछे बहुत लोगों का हाथ होता है. मेरे पापा साइकिल से मुझे जब जिम लेकर जाते थे तो वह मेहनत मुझे याद आती है. बॉडी बिल्डिंग करने वाले पापा ने कहा था कि मैं तो कभी अपने आप को अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय स्तर पर नहीं देख पाया हूं पर तू वह चीज जरूर करना और देश का नाम रोशन करना.’
उन्होंने कहा, ‘ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल में चुनौती यह थी कि वह मेरा पीरियड्स का पहला दिन था. मैंने पहले दिन ट्रेनिंग तो की लेकिन प्रतिस्पर्धा नहीं की थी. यह उम्मीद थी कि सब अच्छा होगा. परिवार के लोग भी कह रहे थे कि सब अच्छा होगा. जब एक लिफ्ट सही हुई तब लगा कि मैं कर सकती हूं, यह दर्द कुछ नहीं है. बाद में मैंने सभी लिफ्ट सही की.’ डीएसपी पद पर प्रमोशन को लेकर ज्ञानेश्वरी ने कहा, ‘अब बड़े मंच पर जाकर भारत और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर पाऊंगी. अगला लक्ष्य एशियाई खेल हैं और उसकी तैयारी के लिए मेरे पास एक महीना शेष है.’
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परिचय
शिवम उपाध्याय एक खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट उनकी विशेषज्…
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