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Commonwealth Games 2026: राजस्थान के कोटा की प्रतिभाशाली महिला बॉक्सर ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड की बॉक्सर को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. पूरे मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी ने आक्रामक खेल और बेहतरीन तकनीक का प्रदर्शन किया, जिससे उन्होंने निर्णायक जीत दर्ज की. इस उपलब्धि से कोटा और पूरे राजस्थान में खुशी की लहर है. खिलाड़ी की इस सफलता को राज्य और देश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है. उनकी जीत युवा खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और यह साबित करती है कि मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत का परचम लहराया जा सकता है.
कॉमनवेल्थ गेम्स में कोटा की बेटी का स्वर्णिम पंच, इंग्लैंड की बॉक्सर को हराकर जीता गोल्ड
कोटा। राजस्थान के कोटा की अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर अरुंधति चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया. महाबली स्पोर्ट्स एकेडमी की प्रतिभाशाली मुक्केबाज अरुंधति ने फाइनल मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड की बॉक्सर चेटल रेड को एकतरफा अंदाज में 5-0 से हराकर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता और विदेशी धरती पर तिरंगा शान से फहराया. उनकी इस उपलब्धि से पूरे हाड़ौती क्षेत्र में खुशी की लहर है.
अरुंधति की जीत भारतीय मुक्केबाजी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. फाइनल मुकाबले में उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और अपने तेज पंचों व बेहतरीन तकनीक के दम पर इंग्लैंड की खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया. पांचों जजों ने सर्वसम्मति से मुकाबला अरुंधति के पक्ष में दिया.
देश की शीर्ष महिला मुक्केबाजों में शामिल
महाबली स्पोर्ट्स एकेडमी के कोच अशोक गौतम ने बताया कि अरुंधति लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं. कॉमनवेल्थ गेम्स का यह स्वर्ण पदक सीनियर वर्ग की अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनका लगातार छठा स्वर्ण पदक है. इससे पहले वह फेडरेशन कप, वर्ल्ड कप, नेशनल चैंपियनशिप, बॉक्सो कप और एशियन चैंपियनशिप जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं. उनकी इस निरंतर सफलता ने उन्हें देश की शीर्ष महिला मुक्केबाजों में शामिल कर दिया है.
स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को डीएसपी पद पर नियुक्ति
अरुंधति वर्तमान में इंडियन आर्मी में सेवाएं दे रही हैं. कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उनके लिए राजस्थान सरकार की आउट ऑफ टर्न नियुक्ति नीति के तहत पुलिस विभाग में सीधे डीएसपी बनने का रास्ता भी खुल गया है. राज्य सरकार की नीति के अनुसार कॉमनवेल्थ या एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को डीएसपी पद पर नियुक्ति का अवसर दिया जाता है. इसके अलावा स्वर्ण पदक विजेता को एक करोड़ रुपये, रजत पदक पर 60 लाख रुपये तथा कांस्य पदक पर 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है. अब यह निर्णय अरुंधति को लेना है कि वह इंडियन आर्मी में अपनी सेवाएं जारी रखेंगी या राजस्थान पुलिस में डीएसपी के रूप में नई जिम्मेदारी निभाएंगी.
अरुंधति के सामने एक नई चुनौती
हालांकि कॉमनवेल्थ में स्वर्ण जीतने के बावजूद अरुंधति के सामने एक नई चुनौती भी है. वह आगामी एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं, लेकिन उनके 70 किलोग्राम भार वर्ग को प्रतियोगिता में शामिल नहीं किया गया है. ऐसे में वह दूसरे भार वर्ग में खेलने के लिए तैयार हैं. अब यह फैसला बॉक्सिंग फेडरेशन को लेना है कि उन्हें दूसरे भार वर्ग में ट्रायल और खेलने की अनुमति दी जाए या नहीं.
बधाई देते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं
अरुंधति की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर महाबली स्पोर्ट्स एकेडमी के खिलाड़ियों और पदाधिकारियों में उत्साह का माहौल है. कोटा बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष एवं उनके पिता सुरेश चौधरी, माता सुनीता चौधरी, बड़ी बहन डॉ. चारुलता चौधरी और छोटे भाई शिवाजी आनंद चौधरी ने उन्हें बधाई देते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं. इसके अलावा कोटा वुशु संघ के अध्यक्ष शिव भगवान गोदारा, कोटा बॉक्सिंग संघ के चेयरमैन देवी सिंह, सचिव प्रीतम सिंह भाटी, कोच सूरज गौतम, देवेंद्र मालव, राजस्थान बॉक्सिंग संघ के सचिव नरेंद्र निर्माण, अंतरराष्ट्रीय रेफरी विशाल निर्माण तथा प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र चौधरी सहित खेल जगत से जुड़े अनेक लोगों ने अरुंधति की सफलता को कोटा और राजस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया. उनकी इस जीत ने प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने की नई प्रेरणा दी है.
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मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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