@जे0 के0……
— सात साल पुराने मामले में पॉक्सो कोर्ट का फैसला, ₹40 हजार अर्थदंड भी; राशि पीड़िता को मिलेगी

Sonbhadra। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ओमकार शुक्ला की अदालत ने बुधवार को दुद्धी थाना क्षेत्र से संबंधित वर्ष 2019 के नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त छोटेलाल पुत्र प्रह्लाद निवासी हथवानी साउडीह, थाना हाथीनाला को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने अभियुक्त पर कुल 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अभियोजन के अनुसार 22 जून 2019 को अभियुक्त नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। घटना के समय पीड़िता की उम्र करीब 13 वर्ष दो माह थी। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता के बयान, चिकित्सकीय परीक्षण, जन्मतिथि प्रमाण-पत्र समेत अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वादी और पीड़िता समेत कुल नौ गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज कराए गए। साथ ही विभिन्न दस्तावेजी साक्ष्य भी प्रस्तुत किए गए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषसिद्ध किया।

न्यायालय ने धारा 363 भादंसं के तहत पांच वर्ष के कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड, धारा 366 भादंसं के तहत सात वर्ष के कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 376(3) भादंसं एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत 20 वर्ष के कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है।
अदालत ने निर्देश दिया कि अभियुक्त द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि का नियमानुसार सजा में समायोजन किया जाएगा। वहीं 40 हजार रुपये की अर्थदंड की पूरी राशि नियमानुसार पीड़िता को चिकित्सा, मानसिक आघात की पूर्ति और पुनर्वास के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता दिनेश प्रसाद अग्रहरी एवं नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी पैरवी की।