यूपी में विधानसभा चुनाव के लिए किसकी क्या तैयारी है. इसका ट्रेलर राज्यसभा चुनाव से दिख जाएगा. क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में राज्यसभा चुनाव के लिए गजब का माहौल बन गया है. यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है और इन 10 सीटों पर बीजेपी 7 पर आराम से जीत सकती है, तो वहीं अखिलेश 2 सीटें आसानी से निकाल लेंगे, लेकिन एक सीट ऐसी बची है, जिस पर गजब खेला होगा. क्योंकि जो भी इस एक्सट्रा सीट को जीतेगा वो एक्सट्रा कॉफिडेंस के साथ यूपी के चुनाव में उतरेगा.
आज आपको बताएंगे कि राज्यसभा चुनाव के लिए अखिलेश यादव ने क्या सरप्राइज दिया है. और उधर बीजेपी ने कौन सा सीक्रेट प्लान बनाया है? यूपी चुनाव से पहले पर्दे के पीछे क्या खेल चल रहा है? क्योंकि लोग हैरान हो रहे हैं कि कोई सियासी दुश्मन की तारीफ कर रहा है, तो किसी एक खेमे का नेता दूसरे खेमे के साथ दिख रहा है.
यूपी में चल क्या रहा है?
यूपी में इस वक्त बात राज्यसभा चुनाव की हो रही है. 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है और समाजवादी पार्टी ने दो सीटों पर कैंडिडेटों के नाम का ऐलान कर दिया. और आज ही समाजवादी पार्टी के दोनों उम्मीदवारों ने नामांकन भी दाखिल कर दिया है. एक सीट पर रामगोपाल यादव और दूसरी सीट के लिए उद्योगपति धनराज नाथवानी ने नॉमिनेशन फाइल किया है. अखिलेश यादव की निगाहें तीसरी सीट जीतने पर भी है. क्योंकि यूपी में पिछले राज्यसभा चुनाव में मिली हार का दर्द भी अखिलेश को सता रहा है. इस बार अखिलेश यादव कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं और अपील कर रहे हैं कि जो लोग पिछली बार की गलती सुधारना चाहते हैं उनका स्वागत है.
अखिलेश यादव ने कहा, ‘लोकतंत्र की व्यवस्था यही है कि जनता से चुनकर के आते हैं. फिर वो लोग चुनते हैं. पिछली बार जो हार हुई उसका कारण भी आपको पता है. हम तो बहुत से लोगों को कह रहे हैं कि पुराना अगर धुलना है तो ये मौका अच्छा है. लोकतंत्र में बेईमानी नहीं होनी चाहिए. भारतीय जनता पार्टी की बेईमानी पिछली बार नहीं होती तो समाजवादी पार्टी के तीन राज्यसभा सांसद गए होते. लोकतंत्र में तो ये मर्यादाएं तो रहनी चाहिए.’
तीसरी सीट के लिए अखिलेश का क्या सरप्राइज?
समाजवादी पार्टी के पास 2 राज्यसभा सीटें जीतने के लिए पर्याप्त विधायक हैं, लेकिन तीसरी सीट के लिए अखिलेश को जुगाड़ करना होगा. समाजवादी पार्टी की तरफ से दावे भी किए जा रहे हैं कि तीसरी सीट पर भी कैंडिडेट उतारा जाएगा. खुद अखिलेश यादव कह रहे हैं कि आप लोग सरप्राइज के लिए तैयार रहें. बीजेपी के कई विधायकों के संपर्क में होने का दावा भी अखिलेश यादव कर रहे हैं.
अखिलेश यादव ने कहा, ‘आप कुछ सरप्राइज के लिए तैयार रहिए. मैंने कहा कि आप लोग खुद भी सरप्राइज के लिए तैयार रहें. संपर्क में तो बहुत हैं, लेकिन एडजस्ट कैसे करें. हम वादा करके वादाखिलाफी करना नहीं चाहते.’
8 सीट जीतने पर बीजेपी की नजर
यूपी में राज्यसभा चुनाव के लिए 16 अक्टूबर को वोटिंग होगी और उसी दिन रात तक नतीजे भी आ जाएंगे. इधर अखिलेश यादव सरप्राइज देने का दावा कर रहे हैं। बीजेपी विधायकों के साथ संपर्क की बात कर रहे हैं. उधर बीजेपी अलग ही गेम खेल रही है. बीजेपी की नजर 10 में से 8 सीटें जीतने पर है और इसके लिए पार्टी ने तैयारी भी शुरू कर दी है.
हालांकि बीजेपी ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन कहा जा रहा है कि यूपी बीजेपी ने 8 राज्यसभा सीटों के लिए 24 नामों की लिस्ट केंद्रीय नेतृत्व को भेजी है. हर सीट के लिए 3 उम्मीदवारों का नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया है. इनमें से ही 8 सीटों के लिए उम्मीदवारों का नाम फाइनल किया जा सकता है. यूपी बीजेपी की लिस्ट में स्मृति ईरानी और कुमार विश्वास का नाम भी है. साथ ही हरदीप सिंह पुरी और संजीव बालियान का नाम भी शामिल है.
यानी बीजेपी 8 सीटों पर जीत के हिसाब से ही तैयारी कर रही है. बीजेपी का ये भी दावा है कि समाजवादी पार्टी के कई विधायक संपर्क में हैं. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से तैयार है. वो अपनी तैयारी करें, हमारी अपनी तैयारी है. सरप्राइज तो हम देंगे. हमारे पास उनके 25 विधायक संपर्क में हैं.’
बीजेपी कह रही है कि असली सरप्राइज तो वो अखिलेश को देगी. अखिलेश को 2024 के राज्यसभा चुनाव में जो हार मिली थी, वो उसे भूले भी नहीं होंगे. क्योंकि आप देखिए कि 2024 में यूपी में 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हुए थे. 2024 में बीजेपी ने 8 सीटों पर जीत हासिल की थी. समाजवादी पार्टी 2 ही सीट जीतने में सफल हुई थी. 2024 में अखिलेश के कई विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी. इसी वजह से बीजेपी आठवीं सीट जीत पाई थी. लेकिन इस बार अखिलेश के अपने दावे हैं तो बीजेपी के भी अपने दावे हैं.
राज्यसभा चुनाव का क्या है गुणा गणित?
असल में यूपी में राज्यसभा सीटों के लिए गणित क्या है, वो भी आप दखिए…
– यूपी विधानसभा में फिलहाल कुल विधायक – 396
- NDA की कुल ताकत – 293 विधायक
बीजेपी- 255 विधायक
अपना दल- 13 विधायक
RLD- 9 विधायक
SBSP- 6 विधायक
निषाद पार्टी- 5 विधायक
राजा भैया की JDL – 2 विधायक
अन्य- 3 विधायक (सपा के बागी विधायक) - समाजवादी पार्टी गठबंधन की ताकत
सपा- 101
कांग्रेस- 2
कुल 103 विधायक - राज्यसभा की एक सीट के लिए 37 विधायक चाहिए
NDA का समीकरण – 7 सीट आराम से जीतेगी
7 X 37= 259
बचे विधायक- 34
यानी 7 सीट जीतने के बाद भी NDA के पास 34 विधायक रहेंगे.
अखिलेश का समीकरण
2 सीट आराम से जीतेंगे
2 X 37=74
बचे विधायक-29
10वीं सीट पर फंसा पेच
लेकिन अखिलेश के लिए दिक्कत ये है कि उनके 101 विधायकों में से 5 विधायक बागी हैं, जिन्होंने 2024 के राज्यसभा चुनाव में अखिलेश का खेल खराब किया था. अब अगर पूजा पाल, राकेश पांडे , विनोद चतुर्वेदी , आशुतोष मौर्य और महाराजी देवी जैसे बागी विधायकों को हटा दें तो अखिलेश यादव के पास 24 अतिरिक्त विधायक बचें. ऐसे में इस 10वीं सीट को जीतने के लिए NDA को 3 विधायक चाहिए, जबकि सपा को 13 विधायकों की दरकार होगी.
लेकिन ऐसा नहीं है कि बीजेपी की राह आसान है, क्योंकि ओपी राजभर के 6 विधायकों में से 3 विधायक सपा के कोटे से जीत के आए थे. साथ ही निषाद पार्टी और आरएलडी के विधायकों के अखिलेश से मिलने की बातें भी सामने आ रही हैं. इतना ही नहीं, ये खबरें भी आ रही हैं कि योगी सरकार में मंत्री राकेश सचान ने अखिलेश यादव से मुलाकात की है.
बृजभूषण सिंह ने छेड़ दिया नया सुर
राज्यसभा चुनाव की लड़ाई के साथ यूपी में विधानसभा चुनाव की हलचल भी तेज हो रही है. विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में नए समीकरण की संभावनाएं जोर पकड़ रही हैं. बीजेपी के दबंग नेता बृजभूषण शरण सिंह और अखिलेश यादव को लेकर चर्चाएं हो रही हैं. बृजभूषण शरण सिंह ने अखिलेश यादव और उनके PDA पर निशाना साधा. लेकिन साथ ही ऐसी बात कह दी जिस से चर्चाएं शुरू हो गई.
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अखिलेश PDA को लेकर कंफ्यूज हैं. PDA कोई विचार नहीं, बल्कि सिर्फ एक जुमला है. अखिलेश PDA की परिभाषा बदलते ही रहते हैं. बृजभूषण ने कहा कि पूरी समाजवादी पार्टी एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है.
बृजभूषण शरण सिंह ने अखिलेश यादव पर निशाना तो साधा. साथ ही अखिलेश की तारीफ भी कर दी. बृजभूषण शरण सिंह से पूछा गया कि कांग्रेस अखिलेश से सीटों को लेकर बार्गेनिंग कर रही है. इस पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अखिलेश के बिना सब सूना है, कांग्रेस का कोई अस्तित्व नहीं है.
बृजभूषण शरण सिंह के इसी बयान पर कयासों का दौर शुरू हो गया. तरह-तरह की बातें होने लगीं कि क्या कोई नया समीकरण बनने वाला है और इन सारी चर्चाओं को अखिलेश यादव ने भी हवा दे दी. अखिलेश ने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह से उनके अच्छे संबंध हैं. उन्होंने कहा, ‘हमारे संबंध उनसे (बृजभूषण सिंह) बहुत अच्छे हैं. उत्तर प्रदेश के विकास के लिए, किसान को खुशहाली के रास्ते पर लाने के लिए हम सब एक हैं.’
यानी उत्तर प्रदेश में गजब ही हो रहा है, और इन सबके बीच सीएम योगी आदित्यनाथ विपक्ष पर धारदार हमले कर रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम में बिना नाम लिए अखिलेश यादव पर जोरदार हमला किया. सीएम योगी ने कहा, ‘हर घर नल की योजना होगी तो गांव के किसी नौजवान को प्लंबर बना करके, प्लंबर की ट्रेनिंग देकर हम गांव में ही ट्रैंड कर सकते हैं. कहीं पाइप टूटा तो पानी हमेशा बहता ना रहे. कोई टोंटी चोरी करके लेकर चला गया हो तो फिर कम से कम प्लंबर वहां पर मरम्मत कर सके. नहीं तो पता लगा कि टोंटी चोर, टोंटी चोरी करते रहेंगे और पानी गिरता रहेगा तो क्षति तो गांव की होनी है.’
