बीजपुर संवाददाता@ रामबली मिश्रा…
परिषदीय विद्यालयों के दौरे के दौरान सम्बन्धित अधिकारियों को नही दिखती खामियां

म्योरपुर खण्ड शिक्षा क्षेत्रांतर्गत जरहा न्याय पंचायत के कंपोजिट विद्यालय महुली, पूर्व माध्यमिक विद्यालय जलजलिया, पी एस जलजलियां, पी एस जलजलिया सहित अन्य विद्यालयों के कंपोजिट ग्रांट सहित अन्य कार्यों के लिए हर वर्ष विभागीय धन एस एम सी के खातों में आता है। जबकि विद्यालयों के प्र0 शिक्षक कागजी कोरम व खानापूर्ति कर धन का निकासी कर गबन कर लिया जा रहा है।

जमीनी हकीकत देखा जाए तो विद्यालयों में वार्षिक ग्रांट सहित अन्य मद के पैसे का उपयोग रंग रोगन, स्टेस्नरी, रख रखाव, खेल सामग्री, बर्तन, किचन गार्डन सहित अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च करना है। जबकि शिक्षक एकाक बार विभिन्न कार्यों पर खर्च कर हर वर्ष का धन निकासी कर गबन करते है।
ब्लाक स्तर पर बैठे बैठाए अधिकारी ऑडिट के नाम पर विद्यालयों में वार्षिक धन आय व्यय खर्च का फाइलों की जांच कर लिया जाता है और तय सुविधा शुल्क के दम पर सब कुछ ठीक ठाक हो जाता है। विद्यालयों में दौरे के दौरान जब बीईओ या अन्य अधिकारी आते है तो इनके चस्मे से विद्यालयों में कभी कोई खामियां नजर नही आती।

मामला उजागर होने पर आनन फानन में कार्यों को प्र0 शिक्षक कार्य कराने में लग जाते है। और वर्तमान मद से कार्य कराकर बाकी वर्षों के मद का कागजी कोरम पूरा कर गबन कर लिया जाता है। विभिन्न विद्यालयों के एस एम सी अध्यक्षय बंसराज यादव, प्रबोध कुमार, सुमन आदि ने बताया की हम लोगो के साथ कभी विद्यालय में मीटिंग नही की जाती विद्यालय के वार्षिक ग्रांट के धन व कार्यों की कोई जानकारी नहीं दी जाती। जबकि हम लोग कई वर्षों से एस एम सी अध्यक्ष है और एक दो बार हस्ताक्षर कराया गया बाकी हमारे बिना हस्ताक्षर के धन का निकासी कैसे कर लिया जाता है पता नही ।धन निकासी और हम लोगो के हस्ताक्षर की निष्पक्ष जांच कराकर सम्बन्धित पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इस बाबत म्योरपुर बीईओ, सुनिल कुमार ने बताया की विभिन्न मामलो की शिकायत के बारे में जानकारी मांगने पर मीटिंग का हवाला देकर जवाब देने से पल्ला झाड़ लिया।

