नई दिल्ली: ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स भारतीय मुक्केबाजों ने अपने अभियान का शानदार अंत किया. गेम्स के आखिरी पुरुष और महिला बॉक्सरों ने मिलकर भारत की झोली में कुल 7 गोल्ड मेडल डाले जो इस खेल के इतिहास में भारत के लिए रिकॉर्ड है. भारतीय महिला बॉक्सरों ने अपेक्षाओं पर खरे उतरते हुए पांच गोल्ड मेडल जीते जबकि पुरूष वर्ग में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने गोल्डन पंच लगाया. मौजूदा विश्व चैम्पियन जैसमीन लंबोरिया (57 किलो) , प्रीति पवार (54 किलो), साक्षी चौधरी (51 किलो) , अरूंधति चौधरी (70 किलो) , प्रिया घंघास (60 किलो) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वजन वर्गों में गोल्ड मेडल जीते . वहीं ओलंपिक मेडल विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किलो) को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा .
पुरूष वर्ग में सचिन सिवाच (60 किलो) और अंकुश (70 किलो) ने गोल्ड मेडल जीते जबकि 55 किग्रा वर्ग में जादूमणि सिंह और 90 प्लस किलो स्पर्धा में नरेंदर बेरवाल ने सिल्वर मेडल जीता . इससे पहले भारत ने गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में मुक्केबाजी में तीन गोल्ड समेत सात मेडल जीते थे . ‘भारत माता की जय’ और ‘इंडिया इंडिया’ के नारों के बीच एसएसी एरेना में भारतीय बॉक्सरों को घर जैसा समर्थन मिला . अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वजन वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड के दिमेजी शिट्टू को हराकर भारत को सातवां गोल्ड मेडल दिलाया. अंकुश ने शिट्टू के खिलाफ 4-1 के विभाजित फैसले से जीत दर्ज की.
शुरुआती राउंड में पिछड़कर सचिन ने की थी दमदार वापसी
सचिन सिवाच ने इससे पहले पुरुषों के 60 किग्रा वजन वर्ग के रोमांचक फाइनल में नामीबिया के ट्रायागेन मॉर्निंग एनडेवेलो को हराकर गोल्ड मेडल जीता. यह भारत का छठा गोल्ड मेडल रहा. सचिन ने शुरुआती दो राउंड में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की. उन्होंने तीसरे और अंतिम राउंड में एनडेवेलो को ‘स्टैंडिंग काउंट’ के लिए मजबूर कर दिया जिसके बाद भारतीय मुक्केबाज ने 3-2 के विभाजित फैसले में जीत दर्ज की.
प्रीति ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को 5-0 से हराया
प्रीति ने महिलाओं के 54 किग्रा फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता. प्रीति ने गोल्ड मेडल मुकाबले में आक्रामक शुरुआत की. उन्होंने पहला राउंड सर्वसम्मत फैसले से जीता, जिसमें पांचों जज ने भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में 10-8 का स्कोर दिया. बैंथमवेट वर्ग की विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज प्रीति ने दूसरे राउंड में भी अपना दबदबा कायम रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दिन का पहला गोल्ड मेडल हासिल किया.
जैसमीन को फाइनल में माइकेला वॉल्श से मिली कड़ी टक्कर
इसके बाद मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन ने भी महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में उत्तरी आयरलैंड की गत चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 के समान अंतर से मात देकर गोल्ड मेडल पर कब्जा किया. महिलाओं के 57 किग्रा फाइनल में जैसमीन और वॉल्श के बीच पहला राउंड बेहद करीबी रहा, जिसमें दोनों बॉक्सरों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी. जैसमीन ने यह राउंड विभाजित फैसले से अपने नाम किया. उन्होंने दूसरे राउंड में शानदार पंच लगाए और सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज की.
साक्षी और प्रिया ने भी लगाए रिंग में गोल्ड पंच
साक्षी ने फिर महिलाओं के 51 किग्रा फाइनल में इंग्लैंड की रूबी वाइट को 5-0 से हराकर दिन में भारत को मुक्केबाजी का तीसरा गोल्ड मेडल दिलाया. प्रिया को महिलाओं के 60 किग्रा में कनाडा की मैरी बाथोल अल अहमदिएह से कड़ी चुनौती मिली लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने 4-1 के विभाजित फैसले से पहला स्थान हासिल किया.
जादूमणि सिंह को ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन से मिली हार
इससे पहले भारत के दिन के तीसरे मुकाबले में जादूमणि सिंह को ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद 0-5 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें सिल्वर मेडल मिला. लंबे कद के ऑस्ट्रेलियाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ शुरुआत में संघर्ष करने के बाद जादूमणि ने शानदार वापसी करते हुए पहला राउंड 3-2 से अपने नाम किया. डिक्सन ने हालांकि दूसरे राउंड में जोरदार वापसी की और सभी जज के सर्वसम्मत फैसले से 5-0 से जीत दर्ज की. ऑस्ट्रेलियाई मुक्केबाज ने इस बढ़त को बरकरार रखते हुए मुकाबला अपने नाम किया और भारत की गोल्डिम लय को रोक दिया.
अरूंधति और नरेंदर को मिली एकरफा जीत
अरूंधति ने इंग्लैंड की शेंटेले रीड को महिलाओं के 70 किलोवर्ग के फाइनल में 5-0 से हराया . नरेंदर को पुरूषों के 90 प्लस किलो में इंग्लैंड के डामार थॉमस ने 5-0 से हराया
लवलीना बोरगोहेन को फाइनल में मिली हार
हालांकि ओलंपिक मेडल विजेता लवलीना बोरगोहेन को महिलाओं के 70 किलोवर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की एम्मा सू ग्रीनट्री से खंडित फैसले में 4-1 से मिली हार से सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा.






