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emotional story of shooter kynan: देश के लिए शूटिंग में पहले मेडल जीतने वाले राजा रणधीर सिंह भले ही आज इस दुनिया मे नहीं है पर वो नीरू ढांडा और केनान चेनाई की जोड़ी ने जब गोल्ड मेडल जीता तो उनका आशीर्वाद जरूर मिला होगा क्योंकि केनान चेनाई से उनका बहुत करीबी रिश्ता है मजे की बात देखिए जब ये जोड़ी गोल्ड पर निशाना साध रही थी तो राजा साहब की बेटी भी रेंज पर मौजूद थी
ससुर के बाद दामाद ने 48 साल बाद जीता शूटिंग में गोल्ड
नई दिल्ली. हर मेडल के पीछे अपनी एक कहानी होती है उसके साथ एक इमोशनल जुड़ाव होता है और एक प्रेरणा होती है नीरू ढांडा और केनान चेनाई की भारतीय जोड़ी ने बुधवार को एशियाई खेलों में ट्रैप मिक्स्ड टीम का स्वर्ण पदक जीता तो उसके पीछे भी एक स्टोरी है एक रिश्ता है और वो भावना है जिसको जानकर कुछ पल के लिए आप भी इमोशनल हो जाएंगे.
देश के लिए शूटिंग में पहले मेडल जीतने वाले राजा रणधीर सिंह भले ही आज इस दुनिया मे नहीं है पर वो नीरू ढांडा और केनान चेनाई की जोड़ी ने जब गोल्ड मेडल जीता तो उनका आशीर्वाद जरूर मिला होगा क्योंकि केनान चेनाई से उनका बहुत करीबी रिश्ता है मजे की बात देखिए जब ये जोड़ी गोल्ड पर निशाना साध रही थी तो राजा साहब की बेटी भी रेंज पर मौजूद थी.
ससुर के बाद दामाद ने जीता मेडल
मिक्स डबल ट्रैप की मेडल सेरमनी में जब राष्ट्रगान बजा और तिरंगा आसमान की तरफ गया तो रेंज में मौजूद एक शख्सियत की आंखे नम थी और वो किसी तरह अपने इमोशन को संभाल रही थी. वो कोई और नहीं रिया कुमार थी जो राजा रणधीर सिंह की बेटी है और केनान चेनाई की पत्नी. सालों पहले रिया कुमार ने अपने पिता को मेजल जीतते तो नहीं देखा होगा पर उस पर को आज वो जरूर जीती नजर आई जब उनके पति ने गोल्ड पर निशाना साधा. ये एक बेहद भावुक पल था जिसकी तस्वीरों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है.
पिता की बंदूक ने किया काम
केनान ने खुलासा किया कि जिस बंदूक की नली से मैंने आज स्वर्ण पदक जीता, वह मेरे पिताजी की है. मैंने इसे उनसे चुरा लिया (हंसते हुए) और मुझे खुशी है कि यह मेरे लिए इतना भाग्यशाली साबित हुआ है. मैं चाहता हूं कि वह मुझसे इसे वापस करने के लिए न कहें वह दो बार के राष्ट्रीय चैंपियन रहे हैं और अब वरिष्ठ वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हैं. यह नली, मुझे लगता है, उन्होंने 30 साल पहले खरीदी थी.
केनन ने जमाया रंग
केनान दोनों भारतीयों में से बेहतर थे, उन्होंने 73 का स्कोर किया, जबकि नीरू ने काफी निराशाजनक 63 का स्कोर किया. केनान ने लगातार हिट के साथ फाइनल में अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखा, जबकि नीरू ने भी एक अस्थिर शुरुआत के बाद मजबूती से वापसी की. केनान, जिनके पिता डेरियस भी एक राष्ट्रीय स्तर के शॉटगन शूटर थे, ने अपनी और नीरू की जोड़ी को एक भाग्यशाली जोड़ी बताया. उन्होंने इस साल पहले विश्व कप कांस्य पदक जीता था. उन्होंने कहा, “हम एक मिश्रित टीम के रूप में एक साथ रहने की उम्मीद करते हैं, लेकिन यह सब फेडरेशन पर भी निर्भर करता है.
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राजीव मिश्रा, खेल पत्रकारिता में एक जाना पहचाना चेहरा है जो अपनी बेबाक विशलेषण के लिए जाने जाते है. वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स …
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