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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की महिला बॉक्सर अरुंधति चौधरी ने 70 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया. अरुंधति की इस जीत पर राजस्थान के कोटा में उनके घर पर त्योहार जैसा माहौल देखने को मिला, लेकिन अरुंधति के लिए यह फाइनल बाउट बिल्कुल भी आसान नहीं थी. उनकी बड़ी बहन चारू ने बताया कि अरुंधति को बुखार था, तब भी उसने बाउट लड़ने का फैसला किया.
अरुंधति चौधरी ने बॉक्सिंग में जीता गोल्ड मेडल
नई दिल्ली: कहते हैं, अगर हौसले बुलंद हों तो पहाड़ का सीना चीरकर भी रास्ता बनाया जा सकता है. ऐसा ही कुछ भारत की महिला बॉक्सर अरुंधति चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कर दिखाया. अरुंधति ने 70 किलोवर्ग के फाइनल में इंग्लैंड की शेंटेले रीड को 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. बॉक्सिंग में भारत के लिए ये 5वां गोल्ड था, लेकिन अरुंधति ने भारत के लिए ये गोल्डन पंच कैसे लगाया इसके पीछे की भावुक कहानी उनकी बहन चारू ने बताया.
राजस्थान के कोटा शहर की रहने वाली अरुंधति की जीत पर उनके घर में त्योहार जैसा माहौल था. उनकी बहन चारू खुशी से उछल रहीं थी. सभी एक-दूसरे का मुंह मीठा करा रहे थे, लेकिन अरुंधती ने किस दर्द में भारत के लिए मेडल जीता वो कई नहीं जातना था. उनकी बहन ने एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि फाइनल से पहले अरंधति को करीब 102 बुखार था, उनका बुखार से तप रहा था लेकिन इसके बावजूद उसके कदम नहीं डगमगाए और उन्होंने देश के लिए मेडल जीता. अरुंधति ने बताया कि, “आज मुझे अपनी बहन पर बहुत गर्व है. आप देख सकते हैं कि हम कितने खुश हैं. हम अपनी खुशी छिपा नहीं पा रहे हैं. उसने 102 डिग्री बुखार होने के बावजूद गोल्ड मेडल जीता.”
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