Last Updated:
who is priya ghanghas: पहला राउंड गंवाने के बाद भारतीय मुक्केबाज प्रिया घंघास ने दमदार वापसी की. दूसरे और तीसरे राउंड में शानदार खेल दिखाकर कनाडा की मैरी-बाथौल अल-अहमदिएह को हराया. भारत को ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में मिला यह चौथा बॉक्सिंग गोल्ड मेडल है, जबकि जदुमणि सिंह को ब्रॉन्ज से संतोष करना पड़ा. भारत के नाम अब तक कुल 10 गोल्ड मेडल हो चुके हैं.
प्रिया घंघास ने बॉक्सिंग में जीता गोल्ड मेडल.
नई दिल्ली. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को बॉक्सिंग में एक और मेडल मिल गया है. महिला 60 किग्रा वर्ग के सांसें थाम देने वाले फाइनल में युवा मुक्केबाज प्रिया घंघास ने पिछड़ने के बावजूद दमदार खेल दिखाते हुए गोल्ड अपने नाम किया. उन्होंने निर्णायक तीसरे राउंड में कनाडा की मैरी-बाथौल अल-अहमदिएह पर दबाव बनाकर मुकाबला स्प्लिट फैसले से जीता. भारत को बॉक्सिंग में मिला यह 5वां मेडल और चौथा गोल्ड है. इसके साथ ही भारत के नाम अब तक कुल 33 मेडल हो चुके हैं, जिसमें 10 गोल्ड शामिल हैं.
पहला राउंड रहा कनाडा के नाम
मुकाबले की शुरुआत में 20 साल की प्रिया ने आक्रामक अंदाज अपनाया और कई अच्छे पंच लगाए. हालांकि, कनाडा की अल-अहमदिएह ने भी सटीक जवाब दिया. बेहद करीबी मुकाबले में जजों ने 3-2 के स्प्लिट फैसले से पहला राउंड कनाडाई बॉक्सर के पक्ष में दिया.
दूसरे राउंड में की शानदार वापसी
पहला राउंड हारने के बाद प्रिया ने अपनी रणनीति बदली. शुरुआत में उन्होंने संयम दिखाया और सही मौके का इंतजार किया. राउंड के आखिरी पलों में उन्होंने लगातार सटीक पंच लगाए, जिससे मुकाबले का रुख बदल गया. जजों ने 4-1 के स्प्लिट फैसले से दूसरा राउंड प्रिया के नाम दिया और मुकाबला बराबरी पर आ गया.
निर्णायक राउंड में दिखाया चैंपियन वाला दम
तीसरे और आखिरी राउंड में दोनों मुक्केबाजों ने पूरी ताकत झोंक दी. प्रिया ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए, जबकि कनाडाई खिलाड़ी भी लगातार जवाब देती रहीं. जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ा, अल-अहमदिएह थकती नजर आईं और प्रिया ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए कई दमदार पंच लगाए. आखिरी 30 सेकंड में स्टेडियम ‘भारत-भारत’ के नारों से गूंज उठा. मुकाबला खत्म होने के बाद प्रिया को अपनी जीत का पूरा भरोसा था. नतीजा आने से पहले ही वह रिंग में खुशी से झूमने लगीं और कुछ ही पल बाद जजों ने उन्हें गोल्ड मेडल विजेता घोषित कर दिया.
कौन हैं प्रिया घंघास?
हरियाणा की रहने वाली प्रिया घंघास ने सिर्फ 11 साल की उम्र में बॉक्सिंग शुरू कर दी थी. उनके पिता महेंद्र घंघास उन्हें पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन रवि सांगवान के पास लेकर गए, जिन्होंने ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर को भी शुरुआती दिनों में ट्रेनिंग दी थी. अपने बड़े भाई नीरज के साथ अभ्यास करते हुए प्रिया ने तेजी से खेल में खुद को निखारा.
भिवानी पहुंचकर बदली किस्मत
साल 2022 में बेहतर ट्रेनिंग के लिए उनका परिवार भिवानी चला गया. यहां भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) की बॉक्सिंग अकादमी में उन्हें ट्रेनिंग मिली. यही अकादमी ओलंपिक पदक विजेता विजेंदर सिंह जैसे दिग्गज मुक्केबाजों को भी तैयार कर चुकी है. कोच महावीर की देखरेख में प्रिया का खेल तेजी से निखरता गया. अकादमी में शामिल होने के एक साल के भीतर ही प्रिया ने 2023 यूथ महिला राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने के साथ टूर्नामेंट की बेस्ट बॉक्सर का सम्मान भी हासिल किया.
इसके बाद 2025 एलीट महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उन्होंने फाइनल तक का सफर तय किया. उसी साल बैंकॉक में हुए एशियन अंडर-22 बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता. साल 2026 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में प्रिया ने चीन की विश्व चैंपियन चेंगयू यांग को हराकर बड़ा उलटफेर किया. इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल जीतकर उन्होंने एशियन चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया. अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर प्रिया घंघास ने साबित कर दिया है कि वह भारतीय महिला बॉक्सिंग की नई स्टार हैं और आने वाले वर्षों में देश के लिए कई बड़े खिताब जीतने का दम रखती हैं.
About the Author

परिचय
शिवम उपाध्याय एक खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट उनकी विशेषज्…
और पढ़ें






