• Home
  • Privacy Policy
Wednesday, July 29, 2026
Sonebhadra Live
  • उत्तर प्रदेश
  • करियर
  • क्षेत्रीय
  • खेल
  • जीवन मन्त्र
  • जुर्म
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
  • सिंगरौली
  • सोनभद्र
No Result
View All Result
  • उत्तर प्रदेश
  • करियर
  • क्षेत्रीय
  • खेल
  • जीवन मन्त्र
  • जुर्म
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
  • सिंगरौली
  • सोनभद्र
No Result
View All Result
Sonebhadra Live
No Result
View All Result

किसी ने ढोए लकड़ी के गट्ठर, तो किसी ने खेतों में बहाया पसीना… भारत की इन 5 बेटियों की संघर्ष गाथा भावुक कर देगी, अब CWG में बजाया देश का डंका

Admin by Admin
July 29, 2026
in खेल
0
किसी ने ढोए लकड़ी के गट्ठर, तो किसी ने खेतों में बहाया पसीना… भारत की इन 5 बेटियों की संघर्ष गाथा भावुक कर देगी, अब CWG में बजाया देश का डंका
0
SHARES
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter


नई दिल्ली: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की महिला एथलीटों ने धूम मचा दी है. मीराबाई चानू और शर्मिला धनखड़ ने भारत के लिए सोने का तमगा जीता. इसके अलावा अन्य महिला एथलीटों ने भी मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया है, लेकिन इन उपलब्धियों के पीछे उनके संघर्षों की ऐसी कहानी छिपी है, जिसे जानकर आपकी आंखों से आंसू छलक पड़ेंगे. आइए जानते हैं भारत की उन पांच बेटियों के बारे में, जो तमाम मुश्किलों और बाधाओं को पार कर आज दुनिया के लिए मिसाल बनी हैं.

मीराबाई चानू (वेटलिफ्टर)

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मीराबाई चानू ने 48 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है. मेडल के लिए मीराबाई जब पोडियम पर आईं, तो राष्ट्रगान बजते ही उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. मीरा के वे आंसू इस बात की गवाह थी कि उन्होंने यहां तक पहुंचने के लिए कितने संघर्ष और दुख सहे हैं. मीराबाई मणिपुर के इंफाल पूर्व के नोंगपोक काकचिंग गांव की रहने वाली हैं. बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली मीराबाई बचपन में ही लकड़ी के भारी गट्ठर उठाकर पहाड़ों पर चढ़ती थीं, जिससे उनकी ताकत का अंदाजा लगा.

नेशनल लेवल पर दमदार प्रदर्शन करने के बाद मीराबाई ने 2016 रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन उनके तीनों प्रयास असफल रहे. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और पीठ के गंभीर दर्द व चोटों से उबरते हुए शानदार वापसी की. उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतकर सबको गलत साबित कर दिया कि मीराबाई लूजर नहीं बल्कि चैंपियन हैं. इसके बाद अब उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीता है, जिससे यह साबित होता है कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के आगे कोई भी बाधा टिक नहीं सकती.

शर्मिला धनखड़ (पैरा एथलीट)

इस लिस्ट में दूसरा नाम पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ का है. शर्मिला ने शॉट पुट में F57 कैटेगरी में भारत को गोल्ड दिलाया है. शर्मिला ने 9.81 मीटर थ्रो कर अपना बेस्ट परफॉर्मेंस दिया. शर्मिला के लिए भी यहां तक पहुंचना आसान नहीं था. हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के चित्रौली गांव की रहने वाली शर्मिला जब दो साल की थीं, तभी पोलियो से ग्रस्त हो गई थीं. पिता एक गरीब किसान थे और मां आंखों से देख नहीं पाती थीं. जीवन बेहद मुश्किलों में गुजर रहा था फिर किसी तरह उनकी शादी हुई, लेकिन पति उनके साथ मारपीट करता था.

शर्मिला धनखड़

तंग आकर शर्मिला ने अपनी दो बेटियों के साथ पति का घर छोड़ दिया. कुछ समय बाद उनके पिता ने शर्मिला की दूसरी शादी करा दी. इसके बाद उनकी किस्मत पलटी. शर्मिला के दूसरे पति काफी सपोर्टिव थे. उन्होंने ही शर्मिला को पैरा एथलेटिक्स में आने के लिए प्रेरित किया. शर्मिला ने 34 साल की उम्र में कोच टेकचंद और देवेंद्र के मार्गदर्शन में शॉट पुट की शुरुआत की और सालों की कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार उन्हें उनकी मेहनत का फल मिला.

ज्ञानेश्वरी यादव (वेटलिफ्टर)

ज्ञानेश्वरी यादव भी ऐसा ही एक नाम हैं, जिन्होंने तमाम बाधाओं को पार कर देश का मान बढ़ाया है. ज्ञानेश्वरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 53 किग्रा वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल अपने नाम किया है. ज्ञानेश्वरी छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के एक बेहद साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं. उनके पिता दीपक यादव नामचीन पहलवान थे. ज्ञानेश्वरी के पिता टॉप लेवल एथलीट थे. लेकिन घर चलाने के लिए उन्हें इलेक्ट्रिशियन बनना पड़ा. शुरुआत में ज्ञानेश्वरी के पास ट्रेनिंग और डाइट तक के पैसे नहीं थे, लेकिन ये तमाम बाधाएं ज्ञानेश्वरी को आगे बढ़ने से नहीं रोक पाईं.

ज्ञानेश्वरी देवी

ज्ञानेश्वरी ने लोकल कोचों के मार्गदर्शन में बिना किसी बड़ी सुविधा के जिम और मैदान में घंटों पसीना बहाया. आर्थिक तंगी के बावजूद उनके परिवार ने उनके सपने को कभी टूटने नहीं दिया. यही कारण है कि जूनियर लेवल पर भी ज्ञानेश्वरी ने विश्व कप में पदक जीतकर अपनी एक अलग पहचान बनाई थी.

हरजिंदर कौर (वेटलिफ्टर)

हरजिंदर कौर ने भी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए वेटलिफ्टिंग में मेडल जीता है. हरजिंदर ने 69 किलोग्राम भारवर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया है. पंजाब के पटियाला की रहने वाली हरजिंदर की कहानी भी बेहद प्रेरणादायी है. हरजिंदर के पिता खेती-किसानी और मवेशी पालन कर परिवार चलाते थे. हरजिंदर भी अपने पिता के साथ खेतों के काम में हाथ बंटाया करती थीं. घर में वह मवेशियों के लिए चारा काटा करती थीं.

हरजिंदर कौर

बता दें कि शुरुआत में उन्होंने कबड्डी और रस्साकशी खेला, लेकिन बाद में उनके कोचों ने उनकी ताकत को देखते हुए वेटलिफ्टिंग में आने की सलाह दी. आर्थिक तंगी के कारण एक समय उनके पास ट्रेनिंग और सही खुराक के पैसे भी नहीं थे. परिवार पर कर्ज होने के बावजूद उन्होंने अपना ध्यान लक्ष्य से नहीं हटाया और अपनी मेहनत के दम पर आज देश का नाम रोशन किया.

बिंदियारानी देवी (वेटलिफ्टर)

बिंदियारानी देवी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में 58 किलोग्राम भारवर्ग में वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीता है. बिंदियारानी भी मणिपुर से आती हैं और उन्होंने वहीं से ट्रेनिंग ली है, जहां से मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग के गुर सीखे हैं. यही कारण है कि उन्हें मीराबाई चानू 2.O भी कहा जाता है. बिंदियारानी भी बहुत मुश्किलों का सामना कर आज यहां तक पहुंची हैं. उनके पिता एक छोटी सी किराने की दुकान चलाते थे और परिवार का गुजारा मुश्किल से होता था. बचपन में बिंदियारानी ने ताइक्वांडो से अपने खेल सफर की शुरुआत की थी, लेकिन अपनी कम लंबाई और बेहतरीन शारीरिक संतुलन के कारण उन्होंने वेटलिफ्टिंग को अपनाया.

बिंदियारानी देवी

मणिपुर में अक्सर होने वाली नाकेबंदी, संसाधनों की कमी और सुविधाओं के अभाव के बावजूद उन्होंने अपनी ट्रेनिंग जारी रखी. गंभीर चोटों से जूझने के बावजूद बिंदियारानी ने बार-बार वापसी की और अपनी बेहतरीन क्लीन एंड जर्क तकनीक के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल हासिल किए हैं.



Source link

Previous Post

एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय हॉकी टीम का हुआ ऐलान, क्या फिर ऐसा कर पाएगी हरमनप्रीत ब्रिगेड?, Hockey Hindi News

Next Post

सोनभद्र. Breaking; जिला प्रोबेशन अधिकारी पुनीत टंडन का निधन, विभाग में शोक की लहर

Next Post

सोनभद्र. Breaking; जिला प्रोबेशन अधिकारी पुनीत टंडन का निधन, विभाग में शोक की लहर

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

उत्तर प्रदेश

पालतु कत्तों के मालिकों को भी मिलेगा सबक.. यूपी में कुत्तों को आजीवन कारावास के आदेश के बाद दो गुटों बंटी जनता, कुछ ने कहा- कुत्तों के काटने पर लगेगा लगाम

पालतु कत्तों के मालिकों को भी मिलेगा सबक.. यूपी में कुत्तों को आजीवन कारावास के आदेश के बाद दो गुटों बंटी जनता, कुछ ने कहा- कुत्तों के काटने पर लगेगा लगाम

September 16, 2025
रूपईडीहा में डाका डालने की नोटिस से दहशत, पुलिस जांच में जुटी.

रूपईडीहा में डाका डालने की नोटिस से दहशत, पुलिस जांच में जुटी.

September 16, 2025
TET अनिवार्यता पर ढाई लाख शिक्षकों के पक्ष में सीएम योगी ने लिया बड़ा स्टैंड, रिवीजन याचिका दाखिल करने के दिए निर्देश

TET अनिवार्यता पर ढाई लाख शिक्षकों के पक्ष में सीएम योगी ने लिया बड़ा स्टैंड, रिवीजन याचिका दाखिल करने के दिए निर्देश

September 16, 2025
Kaushambi News: लड़की का ‘जानी दुश्मन’ बना सांप, 40 दिनों में 10 बार काटा और फिर अब जो हुआ वो…

Kaushambi News: लड़की का ‘जानी दुश्मन’ बना सांप, 40 दिनों में 10 बार काटा और फिर अब जो हुआ वो…

September 16, 2025
Gardening Tips: घर के गार्डन में लगा दें ये 5 फलदार पौधे, सेहत के लिए रहेंगे फायदेमंद, जानें तरीका – Uttar Pradesh News

Gardening Tips: घर के गार्डन में लगा दें ये 5 फलदार पौधे, सेहत के लिए रहेंगे फायदेमंद, जानें तरीका – Uttar Pradesh News

September 16, 2025
संजीवनी बूटी से कम नहीं है इस पेड़ के पत्ते, पेट संबंधित बीमारियों में बेहद कारगर, तेजी से मिलेगा आराम – Uttar Pradesh News

संजीवनी बूटी से कम नहीं है इस पेड़ के पत्ते, पेट संबंधित बीमारियों में बेहद कारगर, तेजी से मिलेगा आराम – Uttar Pradesh News

September 16, 2025

RECENT POST (अभी -अभी)

  • सोनभद्र. Breaking; जिला प्रोबेशन अधिकारी पुनीत टंडन का निधन, विभाग में शोक की लहर
  • किसी ने ढोए लकड़ी के गट्ठर, तो किसी ने खेतों में बहाया पसीना… भारत की इन 5 बेटियों की संघर्ष गाथा भावुक कर देगी, अब CWG में बजाया देश का डंका
  • एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय हॉकी टीम का हुआ ऐलान, क्या फिर ऐसा कर पाएगी हरमनप्रीत ब्रिगेड?, Hockey Hindi News
  • सोनभद्र. सपा कार्यालय में महान राजा दक्ष प्रजापति जी की मनाई गई जयंती
  • कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने अब तक कितने मेडल जीते? इस देश के कोई आसपास भी नहीं, Commonwealth-games Hindi News

Categories

  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • सिंगरौली
  • सोनभद्र

अभी -अभी

  • सोनभद्र. Breaking; जिला प्रोबेशन अधिकारी पुनीत टंडन का निधन, विभाग में शोक की लहर
  • किसी ने ढोए लकड़ी के गट्ठर, तो किसी ने खेतों में बहाया पसीना… भारत की इन 5 बेटियों की संघर्ष गाथा भावुक कर देगी, अब CWG में बजाया देश का डंका

उत्तर प्रदेश

पालतु कत्तों के मालिकों को भी मिलेगा सबक.. यूपी में कुत्तों को आजीवन कारावास के आदेश के बाद दो गुटों बंटी जनता, कुछ ने कहा- कुत्तों के काटने पर लगेगा लगाम

पालतु कत्तों के मालिकों को भी मिलेगा सबक.. यूपी में कुत्तों को आजीवन कारावास के आदेश के बाद दो गुटों बंटी जनता, कुछ ने कहा- कुत्तों के काटने पर लगेगा लगाम

September 16, 2025
रूपईडीहा में डाका डालने की नोटिस से दहशत, पुलिस जांच में जुटी.

रूपईडीहा में डाका डालने की नोटिस से दहशत, पुलिस जांच में जुटी.

September 16, 2025
TET अनिवार्यता पर ढाई लाख शिक्षकों के पक्ष में सीएम योगी ने लिया बड़ा स्टैंड, रिवीजन याचिका दाखिल करने के दिए निर्देश

TET अनिवार्यता पर ढाई लाख शिक्षकों के पक्ष में सीएम योगी ने लिया बड़ा स्टैंड, रिवीजन याचिका दाखिल करने के दिए निर्देश

September 16, 2025
  • Home
  • Privacy Policy

© 2025 Sonebhadra Live - Cliker Studio.

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • उत्तर प्रदेश
  • करियर
  • क्षेत्रीय
  • खेल
  • जीवन मन्त्र
  • जुर्म
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
  • सिंगरौली
  • सोनभद्र

© 2025 Sonebhadra Live - Cliker Studio.