Last Updated:
Which is better red brick or aac block : क्या आप भी अपना घर बनवाने जा रहे हैं और ईंटों को लेकर कन्फ्यूज हैं. घर के लिए लाल ईंट और सफेद ईंट (AAC ब्लॉक) के बीच का सही चुनाव सबसे जरूरी है. इसमें हम आपकी मदद करेंगे. लोकल 18 ने इस बारे में आगरा में पिछले 16 वर्षों से भवन निर्माण क्षेत्र में कार्य कर रहे एबी कंस्ट्रक्शन के सिविल इंजीनियर अजय भदौरिया से बात की. इंजीनियर अजय भदौरिया बताते हैं कि AAC ब्लॉक की कीमत लाल ईंट से अधिक होती है. बाहरी दीवारों के लिए लाल ईंट का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसका होना मजबूती की गारंटी है. AAC ब्लॉक हल्के होने के साथ अपेक्षाकृत बड़े आकार में मिलते हैं. मकान निर्माण में इसका अलग स्थान है.
आगरा. अगर आप भी अपना घर बनाने की योजना बना रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है ताकि आपका मकान सदियों तक जस का तस खड़ा रहे. सबसे जरूरी है लाल ईंट और सफेद ईंट (AAC ब्लॉक) के बीच सही चुनाव. लोकल 18 ने इस बारे में आगरा में पिछले 16 वर्षों से भवन निर्माण क्षेत्र में कार्य कर रहे एबी कंस्ट्रक्शन के सिविल इंजीनियर अजय भदौरिया से बात की. वे बताते हैं कि AAC ब्लॉक लाल ईंट की तुलना में हल्के होते हैं और इनका इस्तेमाल मकान के अंदर की दीवारों में किया जा सकता है. इससे भवन का कुल वजन कम रखने में मदद मिलती है. AAC ब्लॉक की कीमत लाल ईंट से अधिक होती है. भदौरिया के मुताबिक, बाहरी दीवारों के लिए लाल ईंट का इस्तेमाल मजबूती के लिहाज से किया जा सकता है. दोनों सामग्रियों की मजबूती, आकार और उपयोग अलग-अलग होते हैं, इसलिए निर्माण से पहले इंजीनियर से डिजाइन के अनुसार सलाह लेना जरूरी है.
तेज हो जाएगी चिनाई
इंजीनियर अजय भदौरिया कहते हैं कि AAC ब्लॉक का एक फायदा यह भी है कि ये हल्के होने के साथ अपेक्षाकृत बड़े आकार में मिलते हैं, जिससे चिनाई का काम तेजी से हो सकता है. हालांकि, सीलन रोकने के लिए केवल ईंट का चुनाव पर्याप्त नहीं है. सही वॉटरप्रूफिंग, प्लास्टर और ड्रेनेज की व्यवस्था भी जरूरी है. मकान की संरचना के अनुसार सामग्री का चयन करना सबसे महत्वपूर्ण है.
दोनों को बनाते ऐसे हैं
लाल ईंट और AAC ब्लॉक ईंट बनाने की प्रक्रिया एक-दूसरे से काफी अलग होती है. लाल ईंट को मिट्टी से तैयार कर भट्ठे में तेज तापमान पर पकाया जाता है, जबकि AAC ब्लॉक बनाने के लिए कई तरह के मिश्रण तैयार किए जाते हैं. इसमें सीमेंट, चंबल की रेत, चूना और एल्युमिनियम पाउडर जैसे पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है. इन सामग्रियों को निर्धारित अनुपात में मिलाकर मिश्रण तैयार किया जाता है. मिश्रण में एल्युमिनियम पाउडर की प्रतिक्रिया से गैस के बुलबुले बनते हैं, जिससे ब्लॉक के अंदर बारीक छिद्र बन जाते हैं. इसी वजह से AAC ब्लॉक पारंपरिक लाल ईंट की तुलना में काफी हल्का होता है.
किस मंजिल पर कौन सी ईंट सबसे सही
इंजीनियर अजय भदौरिया बताते हैं कि AAC ब्लॉक का इस्तेमाल भवन निर्माण में सोच-समझकर करना चाहिए. भवन की पहली मंजिल में इसका इस्तेमाल करने के बजाय ऊपरी मंजिलों की अंदरूनी दीवारों में AAC ब्लॉक का उपयोग किया जा सकता है. AAC ब्लॉक वजन में हल्का होता है, जिससे भवन पर अतिरिक्त भार कम करने में मदद मिलती है. हालांकि, इसकी मजबूती लाल ईंट से अलग होती है और गलत जगह या गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर नुकसान हो सकता है. अजय भदौरिया के मुताबिक, लाल ईंट की तुलना में AAC ब्लॉक अपेक्षाकृत जल्दी क्षतिग्रस्त हो सकता है, इसलिए इसका इस्तेमाल भवन के डिजाइन और इंजीनियर की सलाह के अनुसार ही करें.
About the Author

प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
और पढ़ें
