@जे0 के0……

Sonbhadra। विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर सोमवार को जनपद के कृति नर्सिंग पैरामेडिकल महाविद्यालय, राबर्ट्सगंज में रेबीज के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ‘28 सितम्बर विश्व रेबीज दिवस-2026’ की थीम ‘साथ मिलकर मजबूत बनें’ के अंतर्गत किया गया। इसमें नर्सिंग महाविद्यालय के प्रशिक्षणार्थियों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं जिला नोडल अधिकारी, एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम डॉ. प्रेमनाथ ने रेबीज रोग के संबंध में प्रशिक्षणार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने रेबीज की गंभीरता, संक्रमण के कारणों तथा रोग से बचाव एवं रोकथाम के उपायों के बारे में विस्तार से बताया।

उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को कुत्ते अथवा अन्य संक्रमित पशु के काटने या खरोंच लगने की स्थिति में घाव को तत्काल बहते पानी और साबुन से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना चाहिए। घाव पर मिट्टी, मिर्च, तेल अथवा किसी अन्य घरेलू पदार्थ का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसके बाद बिना विलंब किए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर चिकित्सक की सलाह के अनुसार रेबीज रोधी टीके की आवश्यक खुराक अवश्य लगवानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि पालतू कुत्तों एवं बिल्लियों का समय-समय पर रेबीज रोधी टीकाकरण कराया जाना चाहिए। किसी परिचित या पालतू पशु के काटने की स्थिति में भी लापरवाही न बरतते हुए तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है।

कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि रेबीज एक गंभीर बीमारी है और इसके लक्षण प्रकट होने के बाद स्थिति अत्यंत गंभीर हो सकती है। इसलिए पशु के काटने या खरोंच लगने की घटना को नजरअंदाज न करते हुए समय से उपचार कराना आवश्यक है।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रधानाचार्या प्रो. जया वर्मा, आशीष कुमार, जिला आंकड़ा प्रबंधक-एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम रवि प्रकाश श्रीवास्तव सहित नर्सिंग महाविद्यालय के प्रशिक्षणार्थी एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।