दिल्ली सरकार ने महिलाओं को 2500 रुपये महीना की लक्ष्मी योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है।
दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक मदद देने की अपनी महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पात्र महिलाओं के लिए हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा करते हुए कहा कि हमने कैबिनेट की बैठक में राष्ट्रीय राजधानी की पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक मदद के लिए योजना को मंजूरी दे दी है।
महिलाओं को मिलेंगे 2,500 रुपये
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। इस बैठक में दिल्ली की पात्र महिलाओं को आर्थिक मदद देने वाली ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ को मंजूरी प्रदान की गई। योजना के तहत महिलाओं को 2,500 रुपये प्रदान किए जाएंगे।
कब से रजिस्ट्रेशन?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि रजिस्ट्रेशन पोर्टल 1 अगस्त को शुरू हो जाएगा। इसके बाद पात्र महिलाएं योजना के लिए आवेदन कर सकेंगी। इसके बाद आवेदनों की स्क्रूटनी की जाएगी। आवेदनों की जांच के बाद पात्र महिलाओं को योजना के तहत आर्थिक मदद पाने को मंजूरी प्रदान कर दी जाएगी।
रक्षा बंधन गिफ्ट, कब पहली किश्त?
दिल्ली सरकार ने यह घोषणा ठीक रक्षा बंधन से पहले की है। ऐसे में इसे दिल्ली की माहिलाओं के लिए रक्षा बंधन गिफ्ट के तौर पर देखा जा रहा है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि हमें उम्मीद है कि रक्षाबंधन के आसपास लाभार्थियों के पहले बैच को पहली किश्त जारी भी कर दी जाएगी।
सरकार बनने के सवा साल के भीतर पूरा किया वादा
सीएम रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि सरकार बनने के सवा साल के भीतर ही हमने यह वादा पूरा किया है। मैं दिल्ली की महिलाओं को बधाई देती हूं और उन्हें भरोसा दिलाती हूं कि सरकार उनके आशीर्वाद से उनके कल्याण के लिए काम करती रहेगी।
आवेदक महिलाओं को करना होगा यह काम
राष्ट्रीय राजधानी की महिलाओं को रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर जाकर पंजीकरण कराना होगा। साथ ही आवेदकों को एक स्व-घोषणा पत्र यानी हलफनामा देना होगा। इसमें यह बताना होगा कि वे कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली की निवासी हैं।
आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में भी बताना होगा
पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे बड़ी बात यह कि योजना के तय नियमों के अनुसार, पात्र महिलाओं को यह भी बताना होगा कि उनके खिलाफ कोई क्रिमिनल केस नहीं चल रहा है। महिलाओं को यह भी बताना होगा कि उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। ये बातें हलफनामें में बतानी होंगी।






