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Who is Gyaneshwari Yadav weightlifting CWG 2026: छत्तीसगढ़ पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वरी यादव लोअर वेट कैटेगरी में भारत की बेहतरीन वेटलिफ्टर्स में से एक हैं. 2025 में छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े खेल सम्मान ‘गुंडाधुर सम्मान’ से नवाजी गई ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं की 53 किग्रा कैटेगरी में भारत को सिल्वर मेडल दिलाया.
कॉमनवेल्थ गेम्स में ज्ञानेश्वरी कुमारी ने जीता सिल्वर मेडल
ग्लास्गो: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव को देश के खेल नक्शे में हॉकी की नर्सरी कहा जाता है. मगर अब ये पहचान बदलने वाली है. आज से राजनांदगांव को 23 साल की ज्ञानेश्वरी यादव के नाम से पहचाना जाएगा. वो ज्ञानेश्वरी जिन्होंने 27 जुलाई की शाम वेटलिफ्टिंग में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का सिल्वर मेडल जीता और भारत के पदकों की संख्या पांच कर दी. ज्ञानेश्वरी ने 53 किलोग्राम कैटेगरी में स्नैच राउंड में 88 किलो और क्लीन एंड जर्क में अपना पर्सनल बेस्ट करते हुए 111 किलो वजन उठाया.
गरीबी के अंधेरे से सिल्वर की चमक तक
अविभाजित मध्यप्रदेश के नामचीन पहलवान रहे दीपक यादव आज अपनी बेटी की कामयाबी पर बेहद खुश होंगे. जो बच्ची उनका हाथ पकड़कर बचपन में अखाड़े जाती थी, आज इतनी बड़ी हो गई कि अपने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए सिल्वर मेडल लेकर घर आएगी. ज्ञानेश्वरी के पिता टॉप लेवल एथलीट थे. लेकिन घर चलाने के लिए उन्हें इलेक्ट्रिशियन बनना पड़ा. दूसरों के घरों में बिजली दुरुस्त करते, लेकिन उनका परिवार गरीबी के अंधकार में डूबा रहता. सिर्फ सात से 10 हजार रुपये की मंथली इनकम से ज्ञानेश्वरी की स्पेशल विशेष डाइट, स्पोर्ट्स किट के साथ-साथ पूरे परिवार का खर्च और बच्चों की पढ़ाई बहुत मुश्किल से हो पाती.
Commonwealth Games 2026: Weightlifter Gyaneshwari Yadav clinches a silver medal in the women’s 53kg category.
Gyaneshwari Yadav says, “I am feeling extremely happy. This is my first Commonwealth Games, and my motive was to give my personal best, and I did that…” pic.twitter.com/XuQtP1G6xN







