संवाददाता@संदीप अग्रहरी…..

गोविंदपुर स्थित बनवासी सेवा आश्रम में शनिवार को केंद्रीय रेशम बोर्ड के तत्वावधान तथा राज्य रेशम विभाग के सहयोग से रेशम उत्पादकों एवं स्टेकहोल्डर्स की परामर्श बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेशम उत्पादन को अधिक लाभकारी बनाने, तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने तथा सहकारिता के माध्यम से किसानों को जोड़ने पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में रेशम विभाग सोनभद्र के सहायक निदेशक नागेंद्र राम ने किसानों से वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर रेशम उत्पादन बढ़ाने और फसल अवधि में विशेषज्ञों के नियमित मार्गदर्शन की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में सहकारिता विभाग के एडीसीओ अजय कुमार, एडीओ मनोज तथा क्रय-विक्रय सहकारी समिति दुद्धी के सचिव दशरथ कुमार जायसवाल ने रेशम उत्पादकों एवं समितियों को सहकारिता से मिलने वाले लाभों और योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
रेशम उत्पादन की तकनीकी जानकारी डॉ हरेंद्र कुमार यादव ने दी। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, रोग प्रबंधन तथा आधुनिक तकनीकों पर प्रकाश डाला। इस दौरान प्रगतिशील कृषकों रामानंद, मोहन यादव, चंद्रदेव, विजय कुमार, नंदलाल और वीरशाह सहित अन्य किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा उत्पादन और आय बढ़ाने के सुझाव दिए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहायक निदेशक रेशम निदेशालय लखनऊ के आशुतोष कुमार, वैज्ञानिक केंद्रीय रेशम बोर्ड डॉ देवाशीष चट्टोपाध्याय तथा एसडीओ, रेशम विभाग सूबेदार ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से रेशम उत्पादन करने, कीट एवं रोग नियंत्रण, कीटनाशक उपचार और फसल प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कार्यक्रम के अंत में सहायक रेशम विकास अधिकारी पंकज कुमार ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित कृषकों का आभार व्यक्त किया।
बैठक में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने तथा किसानों की आय में वृद्धि के लिए विभागीय अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने निरंतर तकनीकी सहयोग का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आश्रम की संचालिका सुबह बहाने की इस मौके पर लाल बहादुर, ओम प्रकाश, रमेश कुमार, चंदन कुमार समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।





