Akhilesh Yadav Lok Sabha: छात्र आंदोलन के मसले पर बहस के तौर-तरीके को लेकर लोकसभा में बुधवार को सपा और कांग्रेस के बीच कन्फ्यूजन की झलक दिखी। अखिलेश यादव ने यहां तक पूछा लिया कि क्या भाजपा से समझौता हो गया है।
Akhilesh Yadav Lok Sabha: प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन में राहुल गांधी के साथ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का तालमेल दिखने के 24 घंटे के अंदर लोकसभा में आज सपा और कांग्रेस के बीच कुछ कन्फ्यूजन पैदा होता दिखा। छात्र आंदोलन के तमाम मसलों पर बहस के तौर-तरीके को लेकर सरकार और कांग्रेस का पक्ष सुनने के बाद जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने बोलने के लिए अखिलेश यादव का नाम पुकारा तो सपा अध्यक्ष किसी बात से आहत नजर आए। अखिलेश यादव ने भाजपा और कांग्रेस की तरफ इशारा करते हुए यहां तक पूछ लिया कि क्या आप दोनों के बीच समझौता हो गया है। अखिलेश के भाषण के बाद शोर होने लगा तो फिर कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित हो गया।
लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे चालू होने के 2 मिनट के अंदर एक बार स्थगित होने के बाद जब 12 बजे दोबारा शुरू हुई तो स्पीकर ने सबसे पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से बोलने के बारे में पूछा। रिजिजू ने एक प्रस्ताव पेश करने के बारे में पूछा, लेकिन विपक्ष की तरफ से आवाज आने पर स्पीकर विपक्षी बेंच की तरफ मुखातिब हो जाते हैं। संसद टीवी पर कार्यवाही में बिड़ला ही दिख रहे हैं, लेकिन पीछे से आ रही आवाज से लगता है कि कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और सपा चीफ अखिलेश यादव बोलने की इजाजत एक साथ मांग रहे थे। इस पर स्पीकर पूछते हैं- आप बोलना चाहते हैं या आप बोलना चाहते हैं। इसके बाद वेणुगोपाल बोलते हैं। वेणुगोपाल धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की बात करते हैं तो स्पीकर टोकते हैं कि पहले चर्चा का नियम, समय, अवधि तय करिए, फिर उसमें ये सारी बात बोलिए। कांग्रेस कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग रखती है।
इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू कहते हैं कि सरकार तो तीन दिन से चर्चा के लिए तैयार है। रिजिजू कहते हैं कि सरकार नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि चर्चा कब होनी है, चर्चा कितनी लंबी होगी और किस नियम के तहत होगी, स्पीकर सारी पार्टी के फ्लोर लीडर से बात करके तय करें। इसके बाद स्पीकर अखिलेश यादव का नाम पुकारते हैं।
पहले बोलने का मौका नहीं मिलने पर भड़के अखिलेश यादव?
अखिलेश यादव गरम तेवर में दिखते हैं और कहते हैं- ‘ये मुद्दा कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बीजेपी का नहीं है। ये मुद्दा युवाओं और छात्र-नौजवानों का है। आपने इनको बुलवा दिया, उनको बुलवा दिया। समझौता कर लिया आपने क्या। आपने हमें क्यों नहीं बोलने दिया।’ इसके बाद स्पीकर टोकते हैं कि बोलने का मौका तो दिया है। फिर अखिलेश की आवाज आती है- ‘आपने समझौता क्यों कर लिया फिर।’ बिड़ला इसका खंडन करते हैं कि उन्होंने बोलने का मौका नहीं दिया। अखिलेश आगे कहते हैं- ‘हम सब लड़ रहे हैं उनके लिए। छात्रों की नहीं सुनी जाएगी तो सड़कों पर आएंगे। सरकार ने जो व्यवहार किया है, इस्तीफा क्या है। छात्रों के साथ जो व्यवहार हुआ है। उनके हाथ तोड़े, सिर तोड़े, उनके कपड़े फाड़े। क्या बेटियों के कपड़े फाडे़ंगे आप।’
अखिलेश यादव ने कहा- ‘हम और राहुल गांधी थे। हम मजबूरी में गए हैं प्रधानमंत्री के आवास पर। अगर आप सुन लेते यहां पर तो हम नहीं जाते। क्या प्रधानमंत्री बयान नहीं दे सकते हैं। युवाओं के लिए आप बाहर बोल सकते हैं, सदन में क्यों नहीं बोल सकते हैं आप।’







