मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन…
..पूर्वांचल के विकास पर व्यापक जनसंवाद की जरूरत : पवन कुमार सिंह

पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों को मिलाकर पृथक पूर्वांचल राज्य के गठन की मांग को लेकर अभियान तेज करने की बात कही है। संगठन का कहना है कि पूर्वांचल की भौगोलिक, सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक परिस्थितियों को देखते हुए अलग राज्य के गठन के मुद्दे पर व्यापक एवं तथ्यात्मक चर्चा होनी चाहिए।

जनमोर्चा के महासचिव पवन कुमार सिंह ने कहा कि पूर्वांचल में कृषि, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, औद्योगिक विकास और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दे लंबे समय से प्रमुख बने हुए हैं। उनके अनुसार छोटे प्रशासनिक क्षेत्र में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास की प्राथमिकताएं तय करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अलग पूर्वांचल राज्य की मांग किसी क्षेत्र या समाज के विरोध में नहीं है। संगठन का उद्देश्य क्षेत्रीय विकास, प्रशासनिक सुविधा और स्थानीय आवश्यकताओं को केंद्र में रखकर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से जनसंवाद करना है। उन्होंने पूर्वांचल के संसाधनों, रोजगार की संभावनाओं और विकास संबंधी आंकड़ों के अध्ययन की भी जरूरत बताई।

राष्ट्रीय सचिव राजेश यादव ने कहा कि अलग राज्य की मांग पर राजनीतिक मतभेद संभव हैं, लेकिन इस विषय पर खुली बहस और जनसंवाद होना जरूरी है। संगठन ने आने वाले दिनों में पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में जागरूकता कार्यक्रम, जनसंवाद और विचार-विमर्श आयोजित करने की बात कही है।

