संवाददाता@उमेश सिंह…….

अनपरा स्थित राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज की कक्षा नौ की छात्रा ने विद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।छात्रा का आरोप है कि विद्यालय में हुई मारपीट की एक पुरानी घटना को आधार बनाकर उसे जानबूझकर परीक्षा में अनुत्तीर्ण कर दिया गया और बाद में विद्यालय से उसका नाम भी काट दिया गया। छात्रा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
रेनुसागर चौकी क्षेत्र कोलगेट निवासी छात्रा शिवानी राजभर का कहना है कि पिछले वर्ष विद्यालय में छात्राओं के बीच मारपीट की घटना हुई थी।इस मामले में उसे आरोपी मानते हुए विद्यालय प्रशासन ने उसके साथ पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया।छात्रा का आरोप है कि इसी कारण उसे परीक्षा में जानबूझकर अनुत्तीर्ण घोषित किया गया और बाद में विद्यालय से नाम काटकर किसी अन्य विद्यालय में प्रवेश लेने की सलाह दी गई।

छात्रा का यह भी आरोप है कि उसने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की पुनः जांच कराने और उन्हें देखने की मांग की, लेकिन विद्यालय प्रशासन ने उसकी मांग को स्वीकार नहीं किया। उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने से भी मना कर दिया गया। इसके बाद उसने मामले की शिकायत जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) से भी की, लेकिन संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल का सहारा लिया।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज शिकायत में छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसके साथ अन्याय किया गया है। उसने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उत्तर पुस्तिकाओं की जांच, परीक्षा परिणाम की समीक्षा तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। छात्रा का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
उधर, विद्यालय की प्रधानाचार्या श्वेता श्रीवास्तव ने छात्रा के आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि मामले में छात्रा को अपने पिता के साथ विद्यालय आने के लिए कहा गया था, ताकि सभी तथ्यों की जानकारी लेकर उचित कार्रवाई की जा सके।
हालांकि,अब तक छात्रा अपने पिता के साथ विद्यालय नहीं आई है। उन्होंने कहा कि विद्यालय नियमानुसार कार्य कर रहा है और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब यह मामला मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल तक पहुंचने के बाद संबंधित विभाग के संज्ञान में आ गया है। विभागीय स्तर पर जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा के आरोपों में कितनी सच्चाई है और विद्यालय प्रशासन की भूमिका क्या रही।








