संवाददाता@वीरेंद्र यादव…..

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), सोनभद्र की 35वीं बैठक ऑनलाइन माध्यम से आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता एनटीपीसी सिंगरौली के कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख तथा नराकास अध्यक्ष ई. प्रभाकर राव ने की। बैठक में विभिन्न सदस्य कार्यालयों के प्रमुखों, राजभाषा अधिकारियों और हिंदी प्रभारियों ने सहभागिता की।
ई. प्रभाकर राव ने कहा कि राजभाषा हिंदी का प्रभावी प्रयोग केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि कार्यसंस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने राजभाषा अधिनियम 1963, राजभाषा नियम 1976 तथा वार्षिक कार्यक्रम 2026-27 के लक्ष्यों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने नोटिंग, ड्राफ्टिंग, पत्राचार, तकनीकी दस्तावेजों और डिजिटल कार्यप्रणाली में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग की आवश्यकता बताई।
एनटीपीसी रिहंद के परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक संजय आसती ने हिंदी को संगठनात्मक संवाद का प्रभावी माध्यम बताते हुए सदस्य कार्यालयों की सक्रिय सहभागिता पर बल दिया। राजभाषा विभाग के उप निदेशक (कार्यान्वयन) ने हिंदी पत्राचार, धारा 3(3) के तहत द्विभाषिकता, प्रशिक्षण और डिजिटल साधनों के उपयोग पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया।

बैठक में सदस्य कार्यालयों के राजभाषा कार्यों की समीक्षा के साथ विभिन्न सुझावों और नवाचारों पर चर्चा हुई। सीआईएसएफ, एनसीएल, एनटीपीसी रिहंद, केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय और पंजाब नेशनल बैंक समेत विभिन्न कार्यालयों के प्रतिनिधि शामिल रहे। संचालन सदस्य सचिव डॉ. ओम प्रकाश ने किया।
