@जे0 के0/@संजय सिंह…….
— Botbro, Crossmarket और Minecrypto प्लेटफॉर्म पर निवेश का झांसा देकर करते थे लाखों की ठगी, 500 करोड़ के लेनदेन की जांच

Sonbhadra । साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सोनभद्र साइबर क्राइम पुलिस थाना और स्वाट टीम ने शेयर ट्रेडिंग व ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, एक लैपटॉप तथा एक चार पहिया वाहन भी बरामद किया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) के पर्यवेक्षण में की गई इस कार्रवाई का संबंध साइबर क्राइम थाना सोनभद्र में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 16/2026 से है। शिकायतकर्ता दीपक कुमार वर्मा, निवासी देवरिया (वर्तमान पता चोपन, सोनभद्र) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि संजय कुमार, मोहम्मद दानिश और सूफियान ने शेयर ट्रेडिंग में 8 से 10 प्रतिशत तक लाभ का लालच देकर Botbro, Crossmarket और Minecrypto जैसे ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश कराया और करीब 10 लाख 70 हजार रुपये की ठगी कर ली।

विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। जांच आगे बढ़ने पर अरशद सिद्दीकी और तुफैल खान के नाम भी सामने आए। इसके बाद पुलिस ने 30 जून 2026 की रात करीब 9:30 बजे लखनऊ से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सूफियान पुत्र इजराइल खान, निवासी बद्रीनगर नादरगंज अमौसी, लखनऊ; मोहम्मद दानिश पुत्र अजमेर अली, निवासी रहीमनगर थाना महानगर, लखनऊ; अरशद सिद्दीकी पुत्र जावेद इकबाल, निवासी ब्रह्मनगर थाना हसनगंज, लखनऊ तथा तुफैल खान पुत्र इजराइल खान, निवासी बद्रीनगर नादरगंज अमौसी, लखनऊ के रूप में हुई है।
पूछताछ और जांच में पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। अधिकारियों के अनुसार आरोपी आम लोगों को पैसा दोगुना करने और शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफा कमाने का झांसा देकर निवेश कराते थे। कई लोगों से 15 लाख रुपये तक का निवेश कराया गया। सरकारी कर्मचारियों समेत कई पीड़ितों से ठगी की गई रकम आरोपियों के खातों में पहुंचने की पुष्टि हुई है। जांच के दौरान एक कंपनी के बैंक खाते से मात्र एक वर्ष में करीब 500 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी भी सामने आई है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना लवी चौधरी है, जो वर्तमान में दुबई में रह रहा है। उसकी तलाश उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ कई राज्यों की पुलिस कर रही है। मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी उसकी तलाश में जुटा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उसके खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने की भी चर्चा है।
इस मामले में साइबर थाना सोनभद्र में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल जारी है तथा जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऑनलाइन ट्रेडिंग, क्रिप्टोकरेंसी या पैसा दोगुना करने के किसी भी लालच में आकर बिना सत्यापन निवेश न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने को दें।






