संवाददाता@वीरेंद्र यादव…..

एनटीपीसी शक्तिनगर के आवासीय परिसर में स्थित संत जोसेफ स्कूल में सीबीएसई प्रयागराज के सेमिनार विषयक दिशानिर्देश पर एकदिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम ‘परामर्शदाता के रूप में शिक्षक की भूमिका’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें रिसोर्स पर्सन के रूप में संत जोसेफ कॉलेज, प्रयागराज की बालिका शाखा की पूर्व प्रधानाचार्या डॉ0 अपर्णा रंजन ने दिन के विभिन्न सत्रों के अंतर्गत अनेक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को अत्यंत ही रोचक शैली में प्रभावपूर्ण ढंग से आधुनिक शिक्षण शैलियों तथा तकनीकियों से अवगत कराया।
कार्यशाला में शिक्षकों को बच्चों की मनःस्थिति पर मनोवैज्ञानिक ढंग से विचार करने की आवश्यकता पर जोर देने के साथ ही विद्यार्थियों को इससे किस प्रकार से लाभान्वित कराया जा सकता है इस बारे में भी प्रकाश डाला गया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक, सामाजिक एवं भावनात्मक समस्याओं को समझने तथा उनका उचित मार्गदर्शन करने के लिए प्रशिक्षित करना था।

कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन ने बताया कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के मार्गदर्शक एवं परामर्शदाता भी होते हैं। उन्होंने प्रभावी संवाद, सहानुभूति, सकारात्मक सोच तथा गोपनीयता बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न गतिविधियों, समूह चर्चाओं एवं प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए और विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के व्यावहारिक उपाय सीखे।
कार्यक्रम में अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर डॉ0 विंसेंट परेरा ने रिसोर्स पर्सन को स्मृति चिह्न प्रदान करते हुए अपने संदेश में कहा कि शिक्षकों हेतु कार्यशालाओं का आयोजन नितांत आवश्यक होता है।
प्रधानाचार्य ने रिसोर्स पर्सन एवं सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ऐसी कार्यशालाएँ शिक्षकों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया, विद्यालय के शिक्षक बीजू वर्गीस ने स्वागत भाषण तो धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक मृत्युंजय कुमार ने दिया। शिक्षकों को कार्यशाला में सहभागिता का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।





