संवाददाता@मनीष कुमार….

दुद्धी नगर में मंगलवार को जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने निजी अस्पतालों पर औचक छापेमारी कर स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए। जांच के दौरान आवश्यक मानकों का पालन न करने पर दो निजी अस्पतालों को सील कर दिया गया, जबकि एक अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) को भी सील किया गया।
यह कार्रवाई हाल ही में हुई उस घटना के बाद की गई, जिसमें एक घायल मरीज को पहले निजी अस्पताल ले जाया गया था और बाद में मृत अवस्था में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन लगातार निजी अस्पतालों की जांच कर रहा है।

मंगलवार को एसडीएम निखिल यादव, नोडल अधिकारी डॉ. गुलाब शंकर यादव तथा पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम ने रेलवे स्टेशन रोड स्थित समृद्धि अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल में मरीजों का उपचार होता मिला। स्टाफ से पूछताछ के बाद कुछ लोगों को आगे की जांच के लिए थाने ले जाया गया।
इसके बाद टीम ने बढ़नीनाला-लौवा नदी मार्ग स्थित सेवा सदन अस्पताल और शिवा अस्पताल की जांच की। शिवा अस्पताल में कई मरीज भर्ती मिले, लेकिन अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीजों की शिफ्टिंग अथवा अन्य आवश्यक सूचनाएं प्रशासन को नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताई गई। निरीक्षण के दौरान ऑपरेशन थिएटर में आवश्यक मानकों की कमी मिलने पर ओटी को सील कर दिया गया।

जांच के दौरान इंडियन बैंक के सामने संचालित एक अनधिकृत अस्पताल भी प्रशासन की नजर में आया। बाहर से ताला बंद होने के बावजूद अंदर एक बच्चा भर्ती मिला। टीम ने ताला खुलवाकर निरीक्षण किया और अस्पताल को तत्काल सील कर दिया। बीमार बच्चे को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी भेजा गया, जहां उसका उपचार शुरू कराया गया। एसडीएम निखिल यादव ने सीएचसी अधीक्षक को बच्चे के समुचित इलाज के निर्देश दिए।
संयुक्त जांच दल में सीएचसी अधीक्षक डॉ. शाह आलम, एसआई अमित कुमार सिंह, बीपीएम संदीप सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी तथा सभी निजी अस्पतालों की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।





