संवाददाता@संदीप अग्रहरी……

म्योरपुर वन रेंज क्षेत्र के गड़िया गांव में आवारा कुत्तों के हमले से बचने की कोशिश में एक चीतल की दर्दनाक मौत हो गई। जंगल से भटककर गांव पहुंचे चीतल का कुत्तों के झुंड ने पीछा कर दिया। जान बचाने के लिए भागते समय वह ग्रामीण विनय के खेत में स्थित गहरी सरकारी बावली में गिर गया। मंगलवार को हुई पोस्टमार्टम जांच में फेफड़ों में पानी मिलने के बाद डूबने से मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद वन विभाग ने नियमानुसार शव का अंतिम निस्तारण कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार दोपहर चीतल जंगल से निकलकर गड़िया गांव पहुंचा था। गांव में प्रवेश करते ही आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे घेर लिया और पीछा करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कुत्तों को भगाकर चीतल को बचाने का प्रयास किया, लेकिन घबराया चीतल तेजी से भागते हुए संतुलन खो बैठा और खेत में स्थित गहरी सरकारी बावली में जा गिरा।

घटना की सूचना मिलते ही म्योरपुर रेंज के वनकर्मी मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद चीतल को बावली से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। वन विभाग ने शव का पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट में फेफड़ों में पानी मिलने के बाद चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि चीतल की मौत डूबने से हुई है। इसके बाद वन्यजीव संरक्षण नियमों के तहत शव का अंतिम निस्तारण कर दिया गया।
घटना के बाद ग्रामीणों ने क्षेत्र में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या पर चिंता जताई। उनका कहना है कि कुत्तों के झुंड अब वन्यजीवों के साथ-साथ ग्रामीणों के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।





