संवाददाता@विशाल टंडन…..

आगजनी की बढ़ती घटनाओं की रोकथाम तथा जनसामान्य में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रविवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज, सोनभद्र में अग्निशमन विभाग द्वारा जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के सुरक्षा गार्डों, कर्मचारियों एवं अन्य स्टाफ को आग लगने के संभावित कारणों, दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विद्युत शॉर्ट सर्किट, गैस रिसाव, ज्वलनशील पदार्थों का असुरक्षित उपयोग तथा लापरवाही आग लगने के प्रमुख कारण हैं।

ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत अग्निशमन सेवा को सूचना देने और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करने की सलाह दी गई। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति में भवन से सुरक्षित निकासी (इवैक्यूएशन) की प्रक्रिया भी समझाई गई। साथ ही प्राथमिक स्तर पर आग पर नियंत्रण पाने के उपायों की जानकारी दी गई, ताकि अग्निशमन दल के पहुंचने तक बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अग्निशमन उपकरणों का व्यावहारिक प्रदर्शन रहा।
विभाग की टीम ने फायर एक्सटिंग्विशर सहित विभिन्न अग्निशमन उपकरणों के सुरक्षित एवं सही उपयोग का लाइव डेमो दिया। कर्मचारियों को स्वयं उपकरण चलाने का अभ्यास भी कराया गया, जिससे वे आवश्यकता पड़ने पर प्रभावी ढंग से उनका उपयोग कर सकें। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी करन सिंह यादव ने कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के प्रति विशेष सतर्कता आवश्यक है।
नियमित रूप से सुरक्षा उपकरणों की जांच, विद्युत व्यवस्था का रखरखाव तथा कर्मचारियों का समय-समय पर प्रशिक्षण किसी भी बड़ी दुर्घटना को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम के अंत में विभाग ने आमजन से अपील की कि आगजनी की किसी भी घटना की सूचना तत्काल अग्निशमन सेवा को दें, अफवाहों से बचें तथा अग्नि सुरक्षा संबंधी सभी मानकों का पालन कर स्वयं और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।





