संवाददाता@ख्वाजा खान……

मुहर्रम की दसवीं तारीख पर बभनी क्षेत्र में गम, अकीदत और आपसी भाईचारे के माहौल के बीच मुहर्रम का पर्व बड़े एहतराम के साथ मनाया गया। क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों से निकले ताजिया जुलूस बभनी थाना चौराहे स्थित इमामबाड़े पर पहुंचे, जहां हजारों अकीदतमंदों की मौजूदगी में मातम, नौहाख्वानी और पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
थाना चौराहे पर काफी देर तक मातम का सिलसिला चलता रहा। इसके बाद विभिन्न गांवों से आए ताजियों का पारंपरिक मिलान कराया गया और सभी ताजिए एवं अखाड़े इमामबाड़े के भीतर पहुंचे। यहां युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने हैरतअंगेज करतब और पारंपरिक युद्धकला का प्रदर्शन कर लोगों का मन मोह लिया। ताजियों पर की गई आकर्षक कलाकारी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही।
मुहर्रम के अवसर पर इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को याद करते हुए लोगों ने खिराज-ए-अकीदत पेश की। कार्यक्रम में गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली, जहां सभी वर्गों के लोगों ने एकजुट होकर शहादत, कुर्बानी, हक, इंसाफ और इंसानियत के संदेश को याद किया।
शाम को कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी ताजिए अपने-अपने गांवों के कर्बला पहुंचाए गए, जहां धार्मिक परंपरा के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान लोगों ने शांति, सद्भाव और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया।

पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। थाना प्रभारी दिन्नू प्रसाद यादव पुलिस टीम के साथ लगातार मुस्तैद रहे। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे मुहर्रम का आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर बभनी अंजुमन कमेटी के सदर असलम, मुहर्रम कमेटी के अध्यक्ष नौशाद अहमद, सद्दाम हुसैन, जमील अहमद, खुर्शीद खान, ग्राम प्रधान अनवर, कासिम हुसैन, हैदर अली, खातिर अली, रज्जब अली, जान मुहम्मद, समीर सिद्दीकी, बरकत खान, जमाल हुसैन, मोहम्मद शफीक सिद्दीकी, रौशन खान, आजमतुल्ला खान, शरीफ खान, सबलू खान, शानेजहां खान, रौशन जहां खान, फाजिल हुसैन सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।





