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Sonbhadra । जनपद में दसवीं मुहर्रम पर शुक्रवार को पूरे धार्मिक उत्साह और अकीदत के साथ अलम एवं ताजिया का जुलूस निकाला गया। कर्बला के शहीदों की याद में अकीदतमंदों ने सीनाजनी और जंजीरी मातम कर इमाम हुसैन व उनके साथियों की शहादत को याद किया।

नौहाख्वानी के दौरान कर्बला की दर्दनाक दास्तान सुनाई गई, जिससे पूरे माहौल में गम और श्रद्धा का भाव देखने को मिला।
जिलेभर में लगभग 448 ताजिए देर रात कर्बला पहुंचकर सुपुर्द-ए-खाक किए गए।

वहीं ओबरा नगर में आठ स्थानों से ताजिया जुलूस निकाले गए। चोपन रोड, चूड़ी गली, मिल्लत नगर और भलूआ टोला समेत विभिन्न स्थानों से निकले ताजिए निर्धारित मार्गों से होते हुए सुभाष तिराहा, वीआईपी रोड और कांवेंट तिराहे तक पहुंचे, जहां से सभी ताजिए पुनः कर्बला के लिए रवाना हुए।

जुलूस के दौरान विभिन्न अखाड़ों के खिलाड़ियों ने हैरतअंगेज करतब और बच्चों ने युद्धकला का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मार्ग में समाजसेवियों एवं स्थानीय लोगों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेयजल, शरबत और खिचड़ा की व्यवस्था की गई।

नगर पंचायत अध्यक्ष चांदनी एवं उनके प्रतिनिधि श्रवण गौड़ ने विभिन्न चौकों पर पहुंचकर ताजियेदारों का स्वागत किया। इस अवसर पर समाजसेवी रमेश सिंह यादव, खुर्शीद आलम, विजय यादव, आनंद पटेल दयालु, अमित गुप्ता, अशोक यादव, विपिन, सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।

पूरे जुलूस के दौरान ओबरा थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से मुहर्रम का आयोजन संपन्न हुआ।





