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Sonbhadra । उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेश एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रामसुलीन सिंह के निर्देश पर शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ जनपद न्यायाधीश रामसुलीन सिंह ने किया। इस दौरान न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, बैंक प्रतिनिधि समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
जनपद न्यायाधीश ने लोक अदालत में बैंकों की ओर से लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया और बैंक प्रतिनिधियों से अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाते हुए मामलों का निस्तारण कराने का आह्वान किया।

लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, धारा 138 एनआई एक्ट, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, पारिवारिक, श्रम, भूमि अधिग्रहण, विद्युत एवं जल बिल, सेवा संबंधी विवाद, सेवानिवृत्तिक परिलाभ, राजस्व एवं अन्य सिविल मामलों के साथ प्री-लिटिगेशन मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।

जनपद के विभिन्न न्यायालयों द्वारा कुल 3,429 मामलों का निस्तारण किया गया, जिसमें जुर्माना एवं समाधान धनराशि 10,47,23,500 रुपये रही। वहीं राजस्व न्यायालयों, अन्य न्यायालयों एवं विभागों में लंबित तथा प्री-लिटिगेशन के 85,884 मामलों का निस्तारण हुआ। इनमें 19,09,57,207 रुपये की समाधान धनराशि रही।

इसके अलावा निजी एवं सार्वजनिक बैंकों के 492 मामलों का निस्तारण करते हुए 2,56,78,827 रुपये की समाधान धनराशि तय की गई। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 89,805 मामलों का अंतिम रूप से निस्तारण किया गया और कुल 32,13,59,534 रुपये की समाधान धनराशि रही।

वहीं 9, 10 और 11 सितंबर को आयोजित विशेष लोक अदालत में लघु अपराधों से संबंधित 51 मामलों का भी निस्तारण किया गया। यह जानकारी सिविल जज सीडी/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राहुल ने दी।