चुर्क संवाददाता@संजय सिंह…

राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज सोनभद्र के कंप्यूटर साइंस विभाग एवं एमएनएनआईटी इलाहाबाद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय तकनीकी कार्यक्रम ‘सिक्योरिटी एंड प्राइवेसी इन साइबर वर्ल्ड: चैलेंजेस एंड सॉल्यूशंस-2026’ का बुधवार, 4 नवंबर को समापन हो गया।

कार्यक्रम के अंतिम दिन प्रथम सत्र में प्रोफेसर आर.एस. यादव ने ‘इंट्रूजन डिटेक्शन इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ विषय पर विस्तारपूर्वक प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सुरक्षा प्रणालियों और साइबर खतरों की पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला।

वहीं, दूसरे सत्र में आईआईआईटी इलाहाबाद के प्रोफेसर शेखर वर्मा ने समकालीन साइबर चुनौतियों से प्रतिभागियों को परिचित कराते हुए महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं और प्रेरणादायक व्याख्यान दिया।
पांच दिनों तक चले इस कार्यक्रम में दस अलग-अलग संस्थानों के विशेषज्ञों ने अपने ज्ञान एवं अनुभव के माध्यम से प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।

साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और आधुनिक तकनीकी चुनौतियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। समापन समारोह में संस्थान के निदेशक प्रोफेसर के.एस. वर्मा ने सभी विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने वर्तमान समय में साइबर सुरक्षा मानकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों को इनके प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. मैनेजर यादव ने सभी विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। निदेशक सलाहकार डॉ. डी.के. त्रिपाठी ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। वहीं, विभागाध्यक्ष डॉ. अमोद कुमार तिवारी ने कहा कि किसी भी कार्यक्रम की सफलता सभी के सामूहिक सहयोग पर निर्भर करती है।

उन्होंने समन्वयक एवं सह-समन्वयक डॉ. अनुराग सेवक, डॉ. आशीष रंजन मिश्रा, डॉ. कल्पना सिंह, लाल बाबू यादव, विवेक देव पांडेय, नवनीत उपाध्याय सहित सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

समापन समारोह में संस्थान के डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर पी.के. वर्मा, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष रामेश्वर वैश, एप्लाइड साइंस विभागाध्यक्ष रवि प्रताप सिंह सहित अन्य शिक्षक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित कर पांच दिवसीय कार्यक्रम का विधिवत समापन किया गया।