बसपा से निकाले गए आकाश आनंद को पार्टी में शामिल करने को लेकर चंद्रशेखर ने सियासी दांव चला है। चंद्रशेखर ने आकाश आनंद को भाई बताया और कहा, वह उनके साथ आ जाएं। उनके लिए दरवाजे हमेशा खुले हैं।
Chandrashekhar Azad: बसपा सुप्रीमो मायावती के परिवार में चल रही अंतरकलह अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुई है और दलित वोटबैंक को लेकर सियासी खींचतान तेज होने लगी हैं। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष व सांसद चंद्रशेखर आजाद ने शनिवार को बसपा से बाहर किए जा चुके मायावती के बड़े भतीजे आकाश आनंद को उनकी पार्टी में शामिल होने का न्योता देकर अपना दांव चला।
लखनऊ स्थित इकोगार्डन में चल रहे पंचायत सहायकों के धरने में पहुंचे चंद्रशेखर ने कहा कि बसपा में भले ही आकाश भाई के लिए दरवाजे बंद हो गए हो, लेकिन आजाद समाज पार्टी के दरवाजे हमेशा खुले हैं। आकाश भाई हमारे साथ आएं, हम मिलकर बाबा साहब के मिशन को पूरा करेंगे। चंद्रशेखर ने आकाश को भाई कहने के साथ ही उनकी आलोचनाओं को नजर-अंदाज करने की बात कहकर इमोशनल दांव भी चला।
यूपी में दलित वोट बैंक की शुरू हुई राजनीति
चंद्रशेखर ने कहा कि भले ही आकाश आनंद उनकी आलोचना करते रहे हैं पर उन्हें हमेशा अपना छोटा भाई माना है। इससे पहले कांग्रेस व कुछ अन्य दलों के नेता भी बसपा से बाहर का रास्ता दिखाए जाने के बाद आकाश को उनके दल का दामन थामने का न्योता दे चुके हैं। यूपी में खासकर दलित वोटबैंक को लेकर सभी दल अपने-अपने दांव चलते रहे हैं। इस वोटबैंक के सहारे ही राजनीति में आगे बढ़ी आजाद समाज पार्टी शुरुआत से ही बसपा के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।
चंद्रशेखर का सियासी दांव बना सकता है नए समीकरण
चंद्रशेखर ने जिस तरह आकाश को युवा और क्षमतावान नेता बताया, उससे साफ है कि वह बसपा में चल रही घमासान का राजनीतिक लाभ उठाने का मौका अपने हाथ से नहीं देना चाहते। उनका यह दांव नए सियासी समीकरण भी बना सकता है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर के विचारों को आगे ले जाना है। जो भी इसमें जुड़ना चाहता है, उसके लिए उनकी पार्टी के दरवाजे खुले हैं। चंद्रशेखर ने पंचायत सहायकों के धरने में उनकी समस्याओं को लेकर साथ खड़े रहने की बात कही। कहा कि यदि एक भी पंचायत सहायक को निकाला गया तो वह मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
क्या बोली थीं मायावती
अभी हालत में बसपा प्रमुख मायावती ने आकाश आनंद को बसपा से बाहर का रास्ता दिखाया था। शनिवार को अब दूसरे भतीजे ईशान को भी मायावती ने पार्टी से निकाल दिया है। आकाश आनंद को तीसरी बार पद से हटाए हुए मायावती ने कहा था कि वह अभी राजनीतिक रूप से परिपक्व नहीं हुए हैं। फिलहाल वह पार्टी में रहकर काम कर सकते हैं। लेकिन आकाश आनंद को कोई भी बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
