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Archery World Cup Stage-3: तीरंदाजी विश्व कप के तीसरे चरण में धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम मोहोद की रिकर्व मिश्रित जोड़ी ने फाइनल में पहुंचकर भारत का पहला पदक पक्का किया. हालांकि, टीम स्पर्धाओं में दीपिका कुमारी और अतनु दास जैसे दिग्गजों को बाहर रखने वाली भारत की नई ‘एशियाई खेल चयन नीति’ की कड़ी आलोचना हो रही है. इस नीति के कारण मजबूत क्वालीफिकेशन के बावजूद पुरुष, महिला और कंपाउंड टीमें जल्दी बाहर हो गईं, जिससे आगामी एशियाई खेलों की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं.
भारतीय तीरंदाजों ने पदक किया पक्का.
अंताल्या. धीरज बोम्मादेवरा और नई तीरंदाज कुमकुम मोहोद ने गुरुवार को तीरंदाजी विश्व कप के तीसरे चरण में रिकर्व मिश्रित युगल फाइनल में पहुंचकर भारत के लिए पहला पदक पक्का कर लिया. लेकिन टीम स्पर्धाओं में खराब नतीजों के बाद भारत की एशियाई खेलों को ध्यान में रखकर बनाई गई टीम चयन नीति पर सवाल उठने लगे हैं और इसकी आलोचना हो रही है. मिश्रित जोड़ी फाइनल में मजबूत दक्षिण कोरियाई टीम से भिड़ेगी, जबकि अच्छी क्वालीफिकेशन रैंकिंग के बावजूद पुरुषों और महिलाओं की रिकर्व टीमें आगे नहीं बढ़ पाईं. बुधवार को कंपाउंड पुरुषों और महिलाओं की टीम भी बाहर हो गई और नई चयन नीति चर्चा का विषय बन गई.
महिलाओं की टीम ने शंघाई में पिछले विश्व कप में दीपिका कुमारी की अगुआई में स्वर्ण पदक जीता था, लेकिन इस बार टीम को क्वार्टर फाइनल में मेजबान तुर्की की कम रैंकिंग वाली टीम से 1-5 से हार मिली. इस नतीजे ने फिर भारत के उस फैसले की ओर ध्यान दिलाया जिसमें सिर्फ उन्हीं तीरंदाजों को उतारा गया जिन्हें एशियाई खेलों की टीम के लिए चुना गया था, चाहे उनके क्वालीफिकेशन के नतीजे कुछ भी रहे हों. नई नीति के तहत चार बार की ओलंपियन दीपिका को टीम स्पर्धा से बाहर रखा गया क्योंकि उन्होंने पिछले महीने हुए ट्रायल्स में एशियन खेलों की टीम में जगह नहीं बनाई थी.
भारतीय तीरंदाजों ने पदक किया पक्का.
उनकी जगह भारत ने कुमकुम, अंकिता भकत और कीर्ति शर्मा को उतारा. कीर्ति क्वालीफिकेशन में 43वें स्थान पर थीं और अंकिता 21वें स्थान पर थीं. तीसरी वरीयता प्राप्त भारतीय तिकड़ी ने अच्छी क्वालिफिकेशन रैंकिंग के बाद पहले दौर में ‘बाय’ मिलने पर नीदरलैंड्स पर 6-0 से शानदार जीत के साथ शुरुआत की. लेकिन तुर्की की एलिफ गोकिर, दुनिया येनिहायत और कानसे दुरु ताराकसी की टीम के खिलाफ संघर्ष करना पड़ा और वे क्वार्टर फाइनल में 1-5 से हार गईं. हालांकि दीपिका ने अपना व्यक्तिगत अभियान जारी रखा और कुमकुम, अंकिता और कीर्ति के साथ तीसरे दौर में पहुंच गईं.
दूसरी तरफ पुरुष टीम शुरुआती दौर में ही बाहर हो गई. ओलंपियन अतनु दास को टीम स्पर्धा के लिए नहीं चुना गया क्योंकि वह एशियाई खेलों में जाने वाली टीम का हिस्सा नहीं थे. उनकी जगह यशदीप भोग ने धीरज और नीरज चौहान के साथ टीम बनाई. सातवीं वरीयता प्राप्त भारतीय टीम शुरुआती दौर में ही अमेरिका से शूटऑफ में 4-5 से हारकर बाहर हो गई. आखिरकार भारत दोनों कंपाउंड टीम स्पर्धा में कोई पदक नहीं जीत सका. अगले महीने मैड्रिड में होने वाले विश्व कप के चौथे चरण में भी यही नीति अपनाए जाने की उम्मीद है. 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आइची और नागोया में होने वाले एशियाई खेलों से पहले का यह आखिरी बड़ा टूर्नामेंट है. हालांकि दिन की अच्छी खबर रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा से आई.
तीसरी वरीयता प्राप्त धीरज और कुमकुम ने पहला सेट हारने के बाद वापसी की और सेमीफाइनल में जर्मनी की कैथरीना बाउर और मोरित्ज वाइजर को 6-2 से हराया. इससे पहले उन्होंने ‘बाय’ मिलने के बाद डेनमार्क के खिलाफ सीधे सेटों में जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की थी और फिर क्वार्टर फाइनल में अमेरिका को 6-2 से हराया. हालांकि कंपाउंड मिश्रित टीम का अभियान क्वार्टर फाइनल में ही खत्म हो गया. ज्योति सुरेखा वेन्नम और साहिल जाधव को अमेरिकी खिलाड़ियों सवाना ओडोनोहो और कर्टिस ब्रॉडनैक्स से 154-156 से हार का सामना करना पड़ा.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें






