संवाददाता@उमेश सिंह…..

रेणुकूट-शक्तिनगर मुख्य मार्ग के अनपरा गेट संख्या-03 के समीप उस समय बड़ा हादसा टल गया,जब झारखंड से कोयला लेकर मध्यप्रदेश जा रहे एक ट्रेलर के अगले टायर में अचानक आग लग गई।आग लगते ही चालक ने तत्परता दिखाते हुए वाहन से कूदकर अपनी जान बचाई। हालांकि घटना ने भारी वाहनों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चलते ट्रेलर के अगले हिस्से से अचानक धुआं निकलने लगा,जिसके बाद टायर में आग की लपटें दिखाई देने लगीं।सड़क पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।चालक और आसपास मौजूद लोगों ने पास की चाय दुकान से बाल्टियों में पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास किया,लेकिन आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका।

सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग को नियंत्रित कर लिया।समय रहते कार्रवाई होने से आग वाहन के अन्य हिस्सों तक नहीं पहुंच सकी, अन्यथा कोयला लदे ट्रेलर में बड़ा नुकसान होने के साथ गंभीर दुर्घटना की आशंका थी। घटना के दौरान कुछ समय तक मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा।इस घटना ने एक बार फिर भारी वाहनों में अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी है।प्रचंड गर्मी के मौसम में लगातार वाहनों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं, इसके बावजूद अधिकांश ट्रक, ट्रेलर और अन्य व्यावसायिक वाहनों में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं मिलते।
चालक और स्थानीय लोगों को आग बुझाने के लिए पानी की बाल्टियों का सहारा लेना पड़ा।स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवहन विभाग और संबंधित एजेंसियों द्वारा सुरक्षा मानकों की नियमित जांच नहीं किए जाने से वाहन संचालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।

पूर्व में भी क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं के बाद वाहनों में आग लगने से चालक और परिचालकों के जिंदा जलने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा प्रबंधों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।लोगों ने मांग की है कि भारी वाहनों में अग्निशमन यंत्र की अनिवार्य उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए और नियमों का पालन न करने वाले वाहन संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।





