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एशियाई खेलों में भारत की तरफ से शूटिंग में पहला गोल्ड मेडल जीतने वाले रणधीर सिंह का 79 साल की उम्र में निधन हो गया. रणधीर सिंह उम्र सबंधी बीमारी से जूझ रहे थे. शूटिंग गोल्ड के अलावा उन्होंने भारतीय खेल जगत में लंबे समय तक प्रशासक के तौर पर भी काम किया. रणधीर सिंह के निधन से भारतीय खेल जगत में शोक की लहर है.
रणधीर सिंह का हुआ निधन
नई दिल्ली: अनुभवी खेल प्रशासक और एशियाई खेलों में निशानेबाजी में भारत के पहले स्वर्ण पदक विजेता रणधीर सिंह का बुधवार को उम्र संबंधित बीमारियों से जूझने के बाद निधन हो गया. वह 79 वर्ष के थे. कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद उन्होंने यहां अपने आवास पर अंतिम सांस ली. स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के कारण सिंह ने हाल में एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्हें 2024 में चार साल के कार्यकाल के लिए चुना गया था.
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के सचिव राजीव भाटिया ने कहा, ‘‘गहरे दुख के साथ हम राजा रणधीर सिंह के निधन की दुखद खबर साझा कर रहे हैं जो आज 27 मई 2026 को स्वर्ग सिधार गए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक विशिष्ट ओलंपियन, अर्जुन पुरस्कार विजेता और भारत, एशिया और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति में सबसे सम्मानित खेल प्रशासकों में से एक राजा रणधीर सिंह ने निशानेबाजी खेल और ओलंपिक आंदोलन के विकास में अमूल्य योगदान दिया. ’’
एनआरएआई और पूरा निशानेबाजी समुदाय ने दी श्रद्धांजलि
भाटिया ने कहा, ‘‘एनआरएआई और पूरा निशानेबाजी समुदाय इस अपूरणीय क्षति पर शोक व्यक्त करता है और उनके परिवार तथा प्रियजनों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता है. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे.’’ सिंह के शानदार खेल करियर में पांच ओलंपिक में भागीदारी और 1978 के बैंकॉक एशियाई खेलों में ऐतिहासिक ट्रैप स्वर्ण पदक शामिल था.
खेलों की तरह ही अपने सफल प्रशासनिक करियर में उन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के महासचिव और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के सदस्य के रूप में कार्य किया.
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जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. इस वक्त नेटवर्क 18 समूह में हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, ह…और पढ़ें
