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Sonbhadra । थाना दुद्धी एवं विंधमगंज क्षेत्र में बाल विवाह की दो अलग-अलग सूचनाओं पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लिया।
परियोजना समन्वयक मुकेश कुमार सिंह के निर्देश पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की टीम, जिसमें जेंडर एक्सपर्ट साधना मिश्रा एवं सुपरवाइजर सत्यम चौरसिया शामिल थे, तत्काल मौके पर पहुंची। जांच के दौरान ग्राम महुअरिया में एक बालिका के परिजनों द्वारा आयु संबंधी वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, जिसमें बालिका बालिग पाई गई।
वहीं ग्राम धूमा, थाना विंधमगंज में एक अन्य बालिका के परिजन कोई भी आयु प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। बालिका के हित को ध्यान में रखते हुए टीम ने उसे तत्काल संरक्षण में लेकर थाना विंधमगंज में जीडी दर्ज कराई। इसके बाद बाल कल्याण समिति, सोनभद्र के आदेशानुसार बालिका को बालगृह में सुरक्षित आवासित कराया गया, जहां उसकी शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल एवं मनोसामाजिक परामर्श की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

यह कार्रवाई बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत की गई। कानून के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु की बालिका का विवाह संज्ञेय एवं दंडनीय अपराध है।
स्थानीय नागरिकों ने चाइल्ड हेल्पलाइन की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय पर उठाए गए कदम नाबालिगों के जीवन और भविष्य को सुरक्षित बना सकते हैं। अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया कि बाल विवाह की रोकथाम में समाज की जागरूकता और सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 ने एक बार फिर साबित किया है कि कानून और समाज के संयुक्त प्रयास से बच्चों के अधिकारों की रक्षा संभव है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि बाल विवाह की किसी भी सूचना पर तुरंत 1098 पर सूचित करें। सूचनादाता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
